कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केरलम के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने फोर्ट कोच्चि में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री अपने बच्चों को बचाना चाहते हैं, इसीलिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं। राहुल गांधी ने इस दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया और कहा कि विजयन ने सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार से समझौता किया है, जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने सीधे किसी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री विजयन की बेटी से कथित तौर पर जुड़े एक्सालॉजिक मामले का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच अवैध वित्तीय लेनदेन के गंभीर आरोप शामिल हैं। एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस विजयन की बेटी वीणा के स्वामित्व वाली कंपनी थी, जो अब बंद हो चुकी है। राहुल गांधी ने इस मामले को मुख्यमंत्री के आचरण से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थिति उनके राजनीतिक और नैतिक दावों पर सवाल उठाती है।
“कौन सा पिता अपने बच्चों की रक्षा करने की कोशिश नहीं करेगा?” (राहुल गांधी)
कांग्रेस नेता ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “कौन सा पिता अपने बच्चों की रक्षा करने की कोशिश नहीं करेगा? यह एक स्वाभाविक बात है।” लेकिन उन्होंने तुरंत ही विजयन पर निशाना साधते हुए कहा, “समस्या यह है कि आपने ऐसे कृत्यों की इजाजत दी है जिनके लिए अब सुरक्षा की आवश्यकता है। आपने ऐसे काम किए हैं जिनके लिए अब संरक्षण की जरूरत पड़ रही है।” राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि वाम मोर्चे का यह नेता आखिर किसकी सुरक्षा चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया, “वह देश की सबसे दक्षिणपंथी ताकतों से संरक्षण मांग रहे हैं। यह स्थिति केरल की राजनीति के वर्तमान स्वरूप को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।”
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने बच्चों को बचाने के लिए राज्य की शासन व्यवस्था की बलि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजयन के पिछले कार्यों ने उन्हें इस कदर फंसा दिया है कि अब उन्हें अपनी साख बचाने के लिए समझौते करने पड़ रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, इन समझौतों का सीधा खामियाजा केरलम की जनता को भुगतना पड़ रहा है, जो अच्छी और पारदर्शी शासन व्यवस्था की हकदार है।
वाम मोर्चे पर दक्षिणपंथी ताकतों से सांठगांठ का आरोप
राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि LDF अब केवल नाम का वामपंथी संगठन रह गया है। असल में यह देश की सबसे बदतर राजनीतिक ताकत के साथ सांठगांठ कर चुका है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह ताकत लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाती है, चाहे वे ईसाई हों, मुस्लिम हों, सिख हों या जैन हों। राहुल गांधी ने इस तरह के गठबंधन को भारत के संविधान पर सीधा हमला बताया, जो देश की धर्मनिरपेक्ष जड़ों पर प्रहार है।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री विजयन से सीधा सवाल किया, “मुख्यमंत्री उनके साथ कैसे खड़े हो सकते हैं? वामपंथी शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी उन्हें इस पर शर्म क्यों नहीं आती? वे इस ताकत के साथ जुड़े हुए हैं।” राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि पिनराई विजयन को केरलम की जनता को इस गठबंधन और अपने आचरण पर जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि केरलम की जनता यह जानने का अधिकार रखती है कि उनके नेता किस राजनीतिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनके फैसले किसके हित में हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी बोला हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने अपने हमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जारी रखे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अदाणी समूह और एप्स्टीन फाइलों से संबंधित संवेदनशील मुद्दों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में हैं। उन्होंने इन मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और कहा कि इन बड़े मामलों पर चुप्पी साधना कई संदेहों को जन्म देता है।
राहुल गांधी ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मदद करने की कोशिश का संकेत देती है। राहुल गांधी ने बताया कि इस मामले के संबंध में माकपा के कुछ नेताओं को पहले गिरफ्तार भी किया गया था। उनकी चुप्पी राज्य में राजनीतिक मिलीभगत की ओर इशारा करती है, ऐसा राहुल गांधी का दावा था।
अपने संबोधन के आखिर में, राहुल गांधी ने केरलम की जनता से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सत्ता में आने पर अपनी पांचों गारंटी लागू करेगा। राहुल गांधी ने इन गारंटियों को केरलम के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बताया और विश्वास दिलाया कि UDF एक पारदर्शी और जनोन्मुखी सरकार देगा।






