राहुल गांधी के वोट चोरी कराने के बयान पर भारत निर्वाचन आयोग का जवाब आया है, आयोग ने बयान को गैर जिम्मेदाराना और निराधार बताया है, आयोग ने अधिकारियों को ऐसे आरोपों को नजर अंदाज करने के निर्देश दिए हैं, उधर भाजपा नेताओं ने भी राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है, भाजपा ने कहा यह लोकतंत्र को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है, एक खतरनाक खेल है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट चोरी कराने के गंभीर आरोप लगाये हैं आज एक बार फिर फिर राहुल गांधी ने मीडिया के सामने कहा कि हमारे पास 100 प्रतिशत पक्के सबूत हैं कि इलेक्शन कमीशन वोट चोरी करवाता है और हम जल्दी इसका खुलासा करेंगे, हमारे पास एटम बम है जब फटेगा तो चुनाव आयोग हिन्दुस्तान में दिखाई नहीं देगा।
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ECI ने राहुल के बयान को निराधार और गैर जिम्मेदाराना कहा
राहुल के इस बयान के बाद चुनाव आयोग का रिएक्शन सामने आया है, भारत निर्वाचन आयोग का कहना है, “चुनाव आयोग प्रतिदिन लगाए जा रहे ऐसे निराधार आरोपों को नजरअंदाज करता है और प्रतिदिन दी जा रही धमकियों के बावजूद, सभी चुनाव अधिकारियों से ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए कहता है।”
ये लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है, एक खतरनाक खेल है: किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- “राहुल गांधी ने बार बार संवैधानिक संस्थाओं को धमकी दी है ये पहली बार नहीं है , 2014 में हम जीत कर आये तब हमारी सरकार तो नहीं थी, अलग अलग राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके गठबंधन वाले दलों की सरकारें बनी तो वो कैसे जीते? यानि वो जीते तो ठीक और जब हार जाते है ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं, ये लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है, केंद्रीय मंत्री ने कहा ये बचपना नहीं ये खतरनाक खेल है।”
अपने अंदर झांक कर देखें, जनता उन्हें वोट क्यों नहीं देती: रविशंकर प्रसाद
पूर्व कानून मंत्री, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी की सारी नाराजगी इसलिए है कि उन्हें वोट नहीं मिलता, तो इसमें हम क्या करें? वे तीसरी बार देश हार गए महाराष्ट्र हार गए, हरियाणा हार गए, दिल्ली हार गए, अब वे बिहार भी हारेंगे, बंगाल भी हारेंगे तो इसमें हम क्या करें? जब वे जीते तो क्या चुनाव आयोग ठीक था? राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को पहले अपने अंदर झांक कर देखना चाहिए कि जनता उन्हें वोट क्यों नहीं देती?