भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता राम माधव ने शनिवार को दोनों संगठनों के बीच मतभेद की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस एक ही वैचारिक परिवार का हिस्सा हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए माधव ने स्पष्ट किया कि बीजेपी राजनीति के क्षेत्र में काम करती है, जबकि आरएसएस सामाजिक सेवा पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों संगठनों के बीच कोई तनाव नहीं है।
राम माधव ने कहा, “समय-समय पर ऐसी अटकलें लगाई जाती हैं। जब कोई मुद्दा नहीं मिलता तो आरएसएस और बीजेपी के बीच तनाव की बात उठाई जाती है। दोनों संगठन एक ही वैचारिक छतरी के नीचे जुड़े हुए हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि आरएसएस में सभी राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोग शामिल हो सकते हैं, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है।
आरएसएस की प्रशंसा
माधव का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 के भाषण में आरएसएस की प्रशंसा करने के बाद आया है, जिसे कांग्रेस ने संविधान का अपमान बताया था। माधव ने मोदी के भाषण की सराहना करते हुए कहा कि यह स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायक था और इसने आरएसएस की 100 साल की सेवा को मान्यता दी।
राजनीतिक कारणों से विरोध
राम माधव ने आगे कहा, “कुछ लोग राजनीतिक कारणों से आरएसएस का विरोध करते हैं, लेकिन सभी जानते हैं कि यह संगठन हिंदू धर्म और देश के लिए काम करता है।” इससे पहले, आरएसएस नेता अरुण कुमार ने भी कहा था कि बीजेपी और संघ पारस्परिक विश्वास के साथ मिलकर काम करते हैं और दोनों अपने स्वतंत्र कार्यों को जारी रखते हैं।






