Hindi News

Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर भारत के मूक “हिम योद्धा” सियाचिन के साथी बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर पोनी ने बढ़ाई शान

Written by:Gaurav Sharma
Published:
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में भारतीय सेना के 'मूक सैनिकों' को विशेष सम्मान दिया गया। कर्तव्य पथ पर पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर पोनी और शिकारी पक्षियों समेत सेना के सबसे बड़ा पशु दस्ते ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर भारत के मूक “हिम योद्धा” सियाचिन के साथी बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर पोनी ने बढ़ाई शान

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ ऐतिहासिक पलों का गवाह बना। इस बार की परेड में भारतीय सेना न केवल अपने आधुनिक हथियारों और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि उन ‘मूक सैनिकों’ को भी दुनिया से रूबरू कराया , जो दुर्गम सीमाओं पर जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सेना का पशु दस्ता (Animal Contingent) परेड का हिस्सा बना।

इस विशेष दस्ते में भारतीय सेना के वे जानवर शामिल हुए, जिन्होंने लद्दाख की जमा देने वाली ठंड से लेकर सियाचिन की ऊंचाइयों तक अपनी उपयोगिता साबित की है। परेड में बैक्ट्रियन ऊंट (Bactrian Camels), जांस्कर पोनी, शिकारी पक्षी ‘रेप्टर’ और सेना के विशेष प्रशिक्षित कुत्ते शामिल हुए। यह पहल देश की सुरक्षा में इनके अदम्य योगदान को रेखांकित करने का एक प्रयास है।

सियाचिन से लद्दाख तक लॉजिस्टिक्स की रीढ़

भारतीय सीमाओं की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि कई जगहों पर आधुनिक मशीनरी और गाड़ियां भी जवाब दे जाती हैं। ऐसे में ये जानवर ही सेना के लिए रसद और गोला-बारूद पहुंचाने का सबसे विश्वसनीय जरिया बनते हैं। परेड में शामिल होने वाले जांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट (दो कूबड़ वाले ऊंट) मुख्य रूप से लद्दाख और सियाचिन सेक्टर में तैनात रहते हैं। अत्यधिक ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद ये जानवर भारी बोझ उठाकर दुर्गम रास्तों को पार करने में सक्षम हैं।

रामपुर और मुधोल हाउंड का दिखा दम

परेड में स्वदेशी नस्ल के कुत्तों को शामिल करना भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। इसमें रामपुर और मुधोल नस्ल के हाउंड (Mudhol Hounds) ने अपना कौशल दिखाया। ये कुत्ते अपनी गजब की फुर्ती, वफादारी और सूंघने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, शिकारी पक्षी ‘रेप्टर’ का शामिल होना सेना की निगरानी क्षमताओं के पारंपरिक और जैविक पहलुओं को दर्शाता है।

इन मूक योद्धाओं को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल करना उन्हें विशेष सम्मान देने जैसा है। अब तक ये जानवर सीमाओं पर खामोशी से अपना कर्तव्य निभाते आए हैं, लेकिन 2026 की परेड में पूरे देश ने इनके अनुशासन और योगदान को करीब से देखा।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews