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KKR में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेना शाहरुख खान को पड़ा महंगा, धर्मगुरुओं ने एक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा

Written by:Diksha Bhanupriy
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शाहरुख खान को अपनी IPL टीम KKR के लिए बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदना महंगा पड़ गया है। देशभर के धर्म गुरुओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
KKR में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेना शाहरुख खान को पड़ा महंगा, धर्मगुरुओं ने एक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा

जब से आईपीएल की टीम केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। तब से टीम के मालिक शाहरुख खान के खिलाफ विरोध देखने को मिल रहा है। यह विरोध आप बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम के इस पर आवाज उठाने के बाद अब धर्मगुरु और कथावाचकों ने मोर्चा खोल दिया है।

सोम ने अपने बयान में टीम के मालिक और बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को गद्दार कहा था। वहीं गुरुवार को आध्यात्मिक गुरु जगत गुरु रामभद्राचार्य ने आईपीएल 2026 के लिए टीम में बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को शामिल करने को लेकर एक्टर की आलोचना की है।

शाहरुख को कहा देशद्रोही

संत ने कहा कि शाहरुख का रवैया हमेशा से देशद्रोही जैसा रहा है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। संत ने बांग्लादेश में हो रही अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्या और हमलों की निंदा की और कहा कि सरकार को ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए।

देवकीनंदन ठाकुर का विरोध

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को कई मुद्दों पर अपनी राय रखते देखा जाता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं के साथ हिंसक व्यवहार हो रहा है। ऐसे में बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करना है गलत संदेश है। उन्होंने शाहरूख से कहा कि यह मत भूलना कि भारतीयों ने तुम्हें हीरो बनाया है। जो हीरो बना सकता है वह जीरो भी बना सकता है।

 

केंद्र सरकार से कदम उठाने की मांग

इस मामले में महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यार खान ने कहा कि मैं शाहरुख खान से आगरा करता हूं कि अगर हमारे देश के लोग बांग्लादेश में अन्य का सामना कर रहे हैं तो हमें उनके खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए ताकि एक संदेश दिया जा सके। उन्होंने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का फैसला लिया है।

9 करोड़ में खरीदे जाने की खबर

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम के लिए 9 करोड़ में खरीदने की बात सामने आई है। इस खबर के सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है तो यह सौदा नैतिक रूप से गलत संदेश दे रहा है। यह देशहित की भावना से विपरीत है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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