Fri, Jan 2, 2026

इंदौर के बाद अब भोपाल में सीवेज मिश्रित पानी का आरोप, उमंग सिंघार ने किया सवाल “क्या सरकार भोपाल में भी किसी त्रासदी का इंतज़ार कर रही है”

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह प्रशासनिक विफलता ही नहीं, बल्कि भाजपा के फेल ‘विकास मॉडल’ का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। कांग्रेस नेता ने कहा कि पानी का संकट लापरवाही नहीं, जान का सवाल है।
इंदौर के बाद अब भोपाल में सीवेज मिश्रित पानी का आरोप, उमंग सिंघार ने किया सवाल “क्या सरकार भोपाल में भी किसी त्रासदी का इंतज़ार कर रही है”

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में सुरक्षित पेयजल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भोपाल में भी सीवेज मिक्स पानी की आपूर्ति का आरोप लगाते हुए इसे लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ‘भोपाल में सीवेज से मिश्रित पानी की सप्लाई, 80% तक दूषित और इसके बावजूद नगर निगम को पानी की टंकियों की सफ़ाई की फुर्सत नहीं।’ उन्होंने कहा कि दो दशक के शासन के बाद भी यदि महानगरों में लोगों को पीने का स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा, तो छोटे शहरों और कस्बों की स्थिति कितनी भयावह होगी इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

इंदौर की घटना पर कांग्रेस हमलावर

देश में लगातार कई वर्षों तक ‘सबसे स्वच्छ शहर’ का खिताब हासिल करने वाले इंदौर में दिसंबर 2025 के अंत में दूषित पेयजल से गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया। प्रशासनिक जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भागीरथपुरा क्षेत्र में मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज पाया गया, जिसके कारण सीवेज का पानी नर्मदा आधारित सप्लाई लाइन में मिल गया। इस कारण हुई मौतें और बीमारी के बाद कांग्रेस लगातार प्रदेश की बीजेपी सरकार से सवाल कर रही है।

कांग्रेस ने लगाया भोपाल में भी सीवेज मिक्स पेयजल सप्लाई का आरोप

अब एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में “पानी में ज़हर घोलने” जैसी स्थिति बन चुकी है। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और जीवन का संकट है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि भोपाल में भी सीवेज मिश्रित पानी की आपूर्ति की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई इलाकों में 80 प्रतिशत तक पानी दूषित होने के संकेत मिल रहे हैं, इसके बावजूद नगर निगम द्वारा पानी की टंकियों की नियमित सफाई और निगरानी नहीं की जा रही। उमंग सिंघार ने कहा है कि ‘इंदौर के भागीरथपुरा की झकझोर देने वाली घटना के बाद भी क्या सरकार अब भोपाल में किसी त्रासदी का इंतज़ार कर रही है? यह प्रशासनिक विफलता ही नहीं, बल्कि भाजपा के फेल ‘विकास मॉडल’ का प्रमाण है।’ इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें।