महाराष्ट्र के प्रमुख विपक्षी दल शिवसेना यूबीटी में बड़ी टूट की खबरें लगातार सामने आ रही है। ये पता चलने के बाद सियासी पारा बढ़ चुका है। अपने सांसदों को तोड़े जाने की आशंका के बीच यूबीटी खेमे में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। इस पर शिवसेना ने साफ तौर पर यह बोल दिया है कि दरवाजे उन सभी के लिए खुले हैं जो एकनाथ शिंदे नेतृत्व में विश्वास रखते हैं।
अब इस पूरे मामले में शरद पवार गुट की प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था से लेकर शिक्षा और सांसदों के खरीद फरोख्त की बात कही गई है। चलिए जान लेते हैं कि शरद पवार के पोते और एनसीपी एसीपी विधायक रोहित पवार ने इस पर क्या कहा है।
शरद पवार गुट का शिवसेना पर रिएक्शन
शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया हैं हैंडल X के जरिए लिखा मध्यमवर्गीय लोगों की नौकरियां जा रही है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। अल नीनो के प्रभाव और कमजोर बारिश से किसान परेशान हैं, पीने का पानी का संकट है। वहीं दूसरी तरह सांसदों और विधायकों की खरीद फरोख्त का बाजार गर्म है।
उद्धव ग्रुप में टूट की आशंका पर रोहित ने भड़कते हुए कहा टूटने और तोड़ने वाले दोनों को शर्म आनी चाहिए। जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों को जनता की लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाए, यही समय की मांग है।
मध्यमवर्गीयांच्या असलेल्या नोकऱ्या जात आहेत, युवांना नोकऱ्या मिळत नाहीत, महिला सुरक्षेचा प्रश्न गंभीर आहे, आरोग्य व्यवस्थेचा बोजवारा उडलेला आहे, इकडे यंदा एल-निनो च्या परिणामाने पाऊस नसल्याने शेतकरी चिंतातुर आहे, पिण्याच्या पाण्याचा प्रश्न गंभीर आहे तर दुसरीकडे आमदार खासदारांचा…
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) June 16, 2026
उद्धव ग्रुप में दरार
बता दें कि उद्धव ठाकरे ने बीते रविवार को शिवसेना यूबीटी के 9 सांसदों को बैठक में आमंत्रित किया था। इसमें व्यक्तिगत रूप से केवल चार सांसद शामिल हुए थे। वहीं शिंदे गुट के प्रताप सरनाईक ने कहा कि अगर संसद और विधायक जैसे जनपद में भी अपने नेतृत्व भरोसा नहीं करते और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा करना चाहते हैं तो उनके लिए शिवसेना के दरवाजे खुले हैं।






