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रतलाम में भव्य पट्टाभिषेक समारोह, महंत आनंद गिरिजी बने महामंडलेश्वर

Written by:Bhawna Choubey
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रतलाम में पहली बार आयोजित महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह में महंत आनंद गिरिजी को वैदिक विधि-विधान से पट्टाभिषेक किया गया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी सहित देशभर के संतों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया।

रतलाम में आज धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह में ग्राम अडवानिया के महंत आनंद गिरिजी का पट्टाभिषेक किया गया। इस खास मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी सहित देश के कई प्रमुख संत और महामंडलेश्वर मौजूद रहे। रतलाम में पहली बार इस स्तर का आयोजन होने से श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह संतों की भव्य पेशवाई से हुई। राम मंदिर से निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संत, साधु और श्रद्धालु शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पेशवाई ने धार्मिक माहौल बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने संतों का स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। दोपहर में श्रीजी पैलेस में मुख्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के साथ महंत आनंद गिरिजी को महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया।

महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक का महत्व और परंपरा

सनातन परंपरा में महामंडलेश्वर का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह केवल एक सम्मान नहीं बल्कि धार्मिक नेतृत्व और समाज को दिशा देने की जिम्मेदारी भी है। किसी संत को महामंडलेश्वर बनाए जाने से पहले उसके वर्षों के तप, साधना, सेवा और आध्यात्मिक योगदान को देखा जाता है। अखाड़ों की परंपरा में पट्टाभिषेक एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसके माध्यम से संत को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार अखाड़े केवल धार्मिक संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को भी धार्मिक मूल्यों और परंपराओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है। रतलाम में आयोजित यह समारोह इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यहां पहली बार इतने बड़े स्तर पर विभिन्न अखाड़ों और संत समाज की मौजूदगी देखने को मिली।

स्वामी रवींद्र पुरी समेत कई प्रमुख संतों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा

पट्टाभिषेक समारोह में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी महाराज की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनके अलावा डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, महंत रामरतन गिरी महाराज और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित कई प्रतिष्ठित संत कार्यक्रम में शामिल हुए।

आयोजकों के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों से आए संतों और श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रतलाम और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग समारोह में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी की। आयोजन समिति का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को सकारात्मक सोच और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। रतलाम में आयोजित यह समारोह आने वाले समय में शहर की धार्मिक पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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