मध्य प्रदेश में होने वाली NEET परीक्षा 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस बार पहले से कहीं ज्यादा सख्त इंतजाम किए हैं। पिछले वर्षों में देशभर में सामने आए पेपर लीक और फर्जीवाड़े के मामलों को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीक और विशेष निगरानी से मजबूत किया गया है। राज्य के करीब 1.18 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जाएगा। पेपर लीक, फर्जी संदेश, सोशल मीडिया अफवाह या किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के साथ-साथ परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
NEET परीक्षा सुरक्षा में पहली बार साइबर कमांडो की एंट्री
इस बार की सबसे बड़ी खासियत 38 विशेष साइबर कमांडो की तैनाती है। ये कमांडो परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप, ऑनलाइन ग्रुप और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। किसी भी फर्जी पेपर, वायरल संदेश या छात्रों को गुमराह करने वाली पोस्ट की तत्काल जांच की जाएगी।
पुलिस विभाग के अनुसार परीक्षा से 72 घंटे पहले हाई अलर्ट लागू रहेगा। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और कुछ संदिग्ध कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि कई बार पेपर लीक या ठगी करने वाले गिरोह ऐसे स्थानों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सुरक्षा का दायरा केवल परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में परीक्षा सुरक्षा केवल भौतिक निगरानी से संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें भी लाखों छात्रों के मानसिक तनाव का कारण बनती हैं। ऐसे में साइबर कमांडो की तैनाती परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
283 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा, अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
इस वर्ष मध्य प्रदेश के 283 परीक्षा केंद्रों पर NEET परीक्षा आयोजित की जाएगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और किसी भी वायरल संदेश या कथित पेपर लीक की खबर पर ध्यान न दें।
पुलिस और प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण 20 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के लिए भी सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त व्यवस्था से ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों का भरोसा मजबूत होगा। वहीं, फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के लिए भी यह स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। मध्य प्रदेश में NEET 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन की यह तैयारी अब चर्चा का विषय बनी हुई है।






