शुरू हुई नई MEMU ट्रेन सेवा ने कोटा, नागदा और उज्जैन के बीच यात्रा करने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस रूट पर नियमित और किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रेन संचालन शुरू किया है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
नागदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी जो शिक्षा, रोजगार, व्यापार या धार्मिक कारणों से लगातार इस मार्ग पर सफर करते हैं। नई सेवा शुरू होने से कई छोटे स्टेशनों को भी सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हो जाएगी।
कोटा-उज्जैन MEMU ट्रेन टाइमिंग और रूट की पूरी जानकारी
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 61624 प्रतिदिन सुबह 5:40 बजे कोटा से रवाना होगी। यह ट्रेन नागदा, भाटीसुड़ा, पिपलोदा बागला, उन्हेल, पलसोदा मकडावन, असलावदा और नईखेड़ी सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचेगी।
वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 61623 दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से रवाना होगी और शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी। इस समय-सारणी को ऐसे तैयार किया गया है ताकि दैनिक यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके। खास बात यह है कि छोटे स्टेशनों पर रहने वाले लोगों को अब बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त ट्रेन बदलने की जरूरत कम पड़ेगी।
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि MEMU ट्रेनें कम दूरी और क्षेत्रीय यात्रा के लिए बेहद उपयोगी होती हैं। इनकी टिकट दरें भी अपेक्षाकृत कम रहती हैं, जिससे आम यात्रियों को आर्थिक राहत मिलती है। यही वजह है कि इस नई सेवा को क्षेत्र के लोगों द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
महाकाल मंदिर और स्थानीय व्यापार को मिलेगा फायदा
उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। नई MEMU ट्रेन शुरू होने से राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक आसान हो जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा स्थानीय व्यापार और रोजगार गतिविधियों पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। कोटा और उज्जैन दोनों शिक्षा और व्यापार के बड़े केंद्र हैं। नियमित रेल सेवा शुरू होने से छात्रों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों का समय बचेगा और यात्रा खर्च भी कम होगा। पहले कई यात्रियों को नागदा पहुंचकर दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती है तो भविष्य में इस रूट पर अतिरिक्त सुविधाओं और सेवाओं पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल नई MEMU ट्रेन को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।






