मोहर्रम 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है और इसे उसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए।
दरअसल मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही कानफोड़ू डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर भी रोक लगाने को कहा गया है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी जिले में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी आयोजन पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही होंगे।
मोहर्रम जुलूस और ताजिया को लेकर विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ताजियों की ऊंचाई तय मानकों के अनुसार रखी जाए। उन्होंने कहा है कि 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य जुलूसों के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव करना है। साथ ही प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
दरअसल सरकार ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों पर लगातार नजर रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति या समूह गलत जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिलों में पहले से शांति समितियों के साथ बैठकें करने और स्थानीय स्तर पर संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
NEET परीक्षा और योग दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा
वहीं बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने घोषणा की कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जिन छात्रों को दूसरे शहरों में परीक्षा देने जाना होगा और उनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी, उनके लिए आवश्यक अस्थायी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग दिवस के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।






