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इंदौर में पानी पर बवाल: उमंग सिंघार बोले “विकास मॉडल की पोल खुली”, मुख्यमंत्री से शुद्ध पेयजल व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी मे जलसंकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एक तरफ बीजेपी के ही नेता पानी को लेकर आपस में भिड़ गए वहीं फिर कई बच्चे दूषित पेयजल से बीमार पड़ गए हैं। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी विज्ञापनों में इंदौर को स्मार्ट सिटी बताने में व्यस्त है लेकिन हकीकत एकदम उलट है।

इंदौर में पानी को लेकर अब लोगों के बीच मारपीट तक होने लगी है। एक दिन पहले बीजेपी के कुछ नेता आपस में उलझ गए। नौबत ये आ गई कि पुलिस तक बुलानी पड़ी। इसे लेकर अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर हालात इतने खराब हो गए हैं कि भाजपा के नेता ही आपस में सड़क पर लड़ने को मजबूर हैं और आम जनता पेयजल संकट से जूझ रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा है कि “भाजपा सरकार विज्ञापनों में इंदौर को स्मार्ट सिटी बताने भारी व्यस्त है लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके विपरीत है पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जनता संघर्ष करने को मजबूर है।” इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग की है।

उमंग सिंघार ने जलसंकट पर सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने इंदौर में पानी को लेकर सामने आए विवाद और दूषित पेयजल की घटनाओं को भाजपा सरकार की विफलता बताते हुए हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के “विकास मॉडल” की हकीकत अब जनता के सामने आ रही है, जहां एक ओर पानी को लेकर भाजपा नेताओं के बीच ही संघर्ष की स्थिति बन गई है, वहीं दूसरी ओर दूषित पानी पीने से बच्चे और आम नागरिक बीमार पड़ रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इंदौर के आजाद नगर क्षेत्र में पानी के हाइड्रेंट को लेकर भाजपा से जुड़े लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव, मारपीट, वाहन तोड़फोड़ और पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। वहीं छोटा बांगड़दा के महावीर नगर में दूषित पानी की सप्लाई के कारण बच्चों सहित कई लोग बीमार हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जनता पीने के पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष कर रही है। कहीं पानी पर कब्जे के आरोप लग रहे हैं, कहीं कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं और कहीं दूषित पेयजल लोगों की सेहत के लिए खतरा बन रहा है। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की प्राथमिकताओं दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्यमंत्री से की ये मांग

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा है कि इंदौर सहित पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने जल संसाधनों पर कथित कब्जा जमाने वाले प्रभावशाली लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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