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MP Global Investors Summit 2027: भोपाल में फिर जुटेंगे दुनिया भर के निवेशक, नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

Written by:Bhawna Choubey
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मध्य प्रदेश में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जनवरी 2027 में होने वाले इस बड़े आयोजन के जरिए सरकार देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति बना रही है। पिछली समिट में मिले रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के बाद इस बार रोजगार, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खास फोकस रहेगा।

मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। राजधानी भोपाल में जनवरी 2027 में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उद्योग विभाग इस आयोजन को पहले से ज्यादा प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रहा है।

पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले बड़े निवेश प्रस्तावों ने राज्य सरकार का उत्साह बढ़ाया है। इसी वजह से इस बार निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश जमीन पर उतरते हैं तो मध्य प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और कई नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे। यही वजह है कि तैयारियों की शुरुआत कार्यक्रम से करीब छह महीने पहले ही कर दी गई है।

Global Investors Summit 2027 में निवेश और रोजगार पर रहेगा फोकस

सरकार की योजना इस समिट को सिर्फ निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं रखने की है। इस बार ऐसे सेक्टरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिनसे सीधे रोजगार पैदा हो सकें। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, समिट में देश के बड़े उद्योग समूहों के साथ-साथ विदेशी कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और भूमि उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी। सरकार यह भी चाहती है कि निवेश सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे बल्कि छोटे और मध्यम शहरों में भी उद्योग स्थापित हों। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन मजबूत तरीके से किया जाए तो मध्य प्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है।

भोपाल बनेगा निवेशकों का केंद्र, पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना

समिट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है। सरकार चाहती है कि यह आयोजन सिर्फ निवेश सम्मेलन न होकर मध्य प्रदेश की आर्थिक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन बने।

आयोजन के लिए भोपाल में कई संभावित स्थानों पर विचार किया जा रहा है। इनमें लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के आसपास का क्षेत्र और नेशनल म्यूजियम ऑफ मैनकाइंड प्रमुख हैं। अंतिम निर्णय प्रतिभागियों और निवेशकों की संख्या को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। पिछली समिट के अनुभवों का विश्लेषण भी किया जा रहा है ताकि व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी न रहे।

गौरतलब है कि पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्य प्रदेश को लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अब सरकार का लक्ष्य इससे भी बड़ा निवेश आकर्षित करना है। यदि यह प्रयास सफल होता है तो राज्य में उद्योग, व्यापार, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि जनवरी 2027 की यह समिट मध्य प्रदेश के आर्थिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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