भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में 18 दिन बिताने के बाद ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत अपने तीन सहयोगी यात्रियों के साथ सोमवार शाम धरती पर वापसी की यात्रा शुरू करेंगे। राकेश शर्मा के बाद शुक्ला अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं। यह चालक दल भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग 2 बजे ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होगा। शाम 4 बजकर 35 मिनट से पहले आईएसएस से अलग होकर यह 22.5 घंटे की यात्रा के बाद मंगलवार दोपहर तीन बजकर एक मिनट पर कैलिफोर्निया तट पर उतरेगा।
धरती पर वापसी की खास तैयारी
एक्सिओम स्पेस के अनुसार, ड्रैगन अंतरिक्ष यान की अनडॉकिंग प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी। अनडॉकिंग के बाद यान कई प्रक्रियाओं से गुजरेगा जिसमें ट्रंक को अलग करना और हीट शील्ड को वायुमंडलीय प्रवेश के लिए तैयार करना शामिल है। इस दौरान यान को 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान का सामना करना होगा। 2 चरणों में पैराशूट तैनात होंगे- पहले 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थिरीकरण पैराशूट और फिर 2 किलोमीटर पर मुख्य पैराशूट। एक विशेष जहाज अंतरिक्ष कैप्सूल को वापस लाएगा।
भारत अब भी सारे जहां से अच्छा
शुभांशु शुक्ला ने रविवार को आईएसएस पर आयोजित विदाई समारोह में कहा, ‘आज का भारत महत्वाकांक्षी, निडर, आत्मविश्वास से भरा और गर्व से पूर्ण दिखता है।’ उन्होंने राकेश शर्मा की 1984 की यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत अब भी सारे जहां से अच्छा दिखता है। समारोह में कमांडर पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू सहित चालक दल के सदस्यों ने एक्सपेडिशन 73 के साथ भावुक विदाई साझा की। यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी की चार दशकों बाद अंतरिक्ष में वापसी का प्रतीक है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इस मिशन के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो गगनयान कार्यक्रम के लिए अहम अनुभव मुहैया कराएगा।






