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बंगाल विधानसभा में हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों पर प्रतिबंध, केवल मुख्यमंत्री को छूट; उठे सवाल

Written by:Mini Pandey
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इस घोषणा के बाद, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की सुरक्षा या उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधानसभा परिसर में प्रवेश करते हैं, तो भाजपा इस मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में ले जाएगी।
बंगाल विधानसभा में हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों पर प्रतिबंध, केवल मुख्यमंत्री को छूट; उठे सवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बलों और निजी सुरक्षा कर्मियों सहित किसी भी हथियारबंद सुरक्षा कर्मी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, सिवाय मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के। यह निर्णय संसद और अन्य राज्य विधानसभाओं की प्रथाओं के अनुरूप सभी के लिए समान व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्पीकर ने कहा कि सभी मंत्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए समान नियम लागू होंगे। सुरक्षा कर्मी विधायकों या मंत्रियों को विधानसभा तक छोड़ सकते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें परिसर छोड़ना होगा। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यदि विपक्ष के सुरक्षा कर्मियों को सदन के अंदर अनुमति नहीं है, तो किसी भी सुरक्षा कर्मी को अनुमति नहीं दी जाएगी। बनर्जी ने कहा, “मुख्यमंत्री की सुरक्षा विधानसभा के अंदर और बाहर आवश्यक है, इसलिए मैंने इसे अनुमति दी है। लेकिन अन्य सभी के लिए प्रतिबंध लागू होंगे।”

कोर्ट जाने की तैयारी

इस घोषणा के बाद, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की सुरक्षा या उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधानसभा परिसर में प्रवेश करते हैं, तो भाजपा इस मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में ले जाएगी। उन्होंने कहा, “हम 5 सितंबर को अदालत में जाएंगे और उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने पर फुटेज भी प्रस्तुत करेंगे।” अधिकारी और भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने पहले ही विधानसभा परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बलों के प्रवेश पर रोक लगाने वाली स्पीकर की अधिसूचना को चुनौती दी है।

क्या दिया गया तर्क

स्पीकर बनर्जी ने जवाब में कहा कि सुवेंदु अधिकारी जो चाहें कह सकते हैं, लेकिन अदालत का दरवाजा सबके लिए खुला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अदालत से अपील करेंगे कि असंख्य अस्पष्ट याचिकाओं पर विचार किया जाए। बनर्जी ने जोर देकर कहा कि वह विधानसभा के पीठासीन अधिकारी हैं।

Mini Pandey
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