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Budget 2026: आयकर में 1 लाख रूपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन और PM-किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी, क्या हैं संभावनाएं, पढ़ें

Written by:Banshika Sharma
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केंद्रीय बजट 2026 से पहले आम आदमी और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए कर ढांचे में मानक कटौती को ₹1 लाख तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे ₹13 लाख तक की आय कर-मुक्त हो सकती है। साथ ही, PM-किसान योजना की राशि में भी वृद्धि की संभावना है।
Budget 2026: आयकर में 1 लाख रूपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन और PM-किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी, क्या हैं संभावनाएं, पढ़ें

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वेतनभोगी वर्ग से लेकर किसानों और वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी की निगाहें सरकार के आगामी ऐलानों पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में मध्यम वर्ग को आयकर में बड़ी राहत दी जा सकती है, जबकि कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं संभव हैं।

बजट से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता आयकर स्लैब और छूट की सीमा को लेकर है। बढ़ती महंगाई के बीच करदाताओं को उम्मीद है कि सरकार उनके बोझ को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

आयकरदाताओं को मिल सकती है बड़ी राहत

बजट में सबसे बड़ी उम्मीद नए कर ढांचे (New Tax Regime) से जुड़ी है। सरकार वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती (Standard Deduction) की सीमा को मौजूदा ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख तक कर सकती है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो ₹13 लाख तक की सालाना आय पूरी तरह से कर-मुक्त हो जाएगी। वर्तमान में यह सीमा ₹12.75 लाख है।

इसके अलावा, लंबे समय से आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश पर मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाने की भी मांग की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को बचत और दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।

किसानों के लिए भी खुशखबरी संभव

कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना की राशि में इजाफा कर सकती है। वर्तमान में इस योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलती है। बजट में इसे बढ़ाकर ₹9,000 तक किए जाने पर विचार किया जा रहा है। साल 2019 में शुरू हुई इस योजना की राशि बढ़ाने की मांग लगातार उठती रही है।

रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी रहेगा फोकस

रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर भी बजट में जोर रहने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आरक्षित टिकटों की लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए 300 से अधिक नई ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। इसके साथ ही रेलवे के लिए बजटीय आवंटन में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में, आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है। सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के तहत लाने पर विचार कर रही है। फिलहाल यह सुविधा 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है।

हालांकि, ये सभी केवल संभावनाएं हैं और इन पर अंतिम मुहर बजट पेश होने के दिन ही लगेगी। वित्त मंत्री द्वारा की जाने वाली घोषणाओं से ही देश की आगामी आर्थिक दिशा स्पष्ट होगी।