केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। बजट भाषण सुबह करीब 11 बजे शुरू होने की उम्मीद है, जिससे अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं का खुलासा होगा।
बजट पेश करने से पहले, सुबह केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक होगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बजट प्रस्तावों को औपचारिक रूप से अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद ही वित्त मंत्री संसद में बजट भाषण के लिए पहुंचेंगी।
लगातार नौवां बजट और बदली परंपराएं
निर्मला सीतारमण ने 2019 में वित्त मंत्री का पदभार संभाला था। तब से लेकर आज तक वे लगातार बजट पेश करती आ रही हैं। उनके कार्यकाल की एक बड़ी खासियत बजट प्रस्तुति के तरीके में बदलाव लाना रहा है। साल 2021 से उन्होंने पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह ‘मेड इन इंडिया’ टैबलेट से डिजिटल बजट पेश करने की शुरुआत की, जो आज भी जारी है।
अब तक के बजटों का मुख्य फोकस
पिछले बजटों में वित्त मंत्री ने मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, जैसे कि सड़क, रेलवे और अन्य विकास कार्यों पर सरकारी खर्च बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, कर व्यवस्था को सरल बनाने, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स व MSME क्षेत्र को समर्थन देने पर भी उनका ध्यान केंद्रित रहा है। सरकार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है।
बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब सरकार के सामने रोजगार के अवसर पैदा करने, निजी निवेश को गति देने और महंगाई को नियंत्रित करते हुए आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने की दोहरी चुनौती है। उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में मध्यम वर्ग और वेतनभोगी तबके के लिए टैक्स में कुछ राहत का ऐलान हो सकता है। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।
आज का बजट भाषण यह तय करेगा कि सरकार आने वाले साल में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए क्या कदम उठाएगी। बजट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आम आदमी की जेब पर इसका क्या असर पड़ेगा।





