ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से तेहरान सहित कई शहरों में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खबर है कि ईरान की सरकार ने पूरे देश का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। तेहरान का मुख्य एयरपोर्ट भी ठप कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया है।
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग जारी है जो अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान में हो रहे आंतरिक प्रदर्शनों में अमेरिकी हस्तक्षेप से भड़के तेहरान ने अब सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को धमकी दी है। इतना ही नहीं अमेरिका ने भी गुरुवार को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। वहीं भारत ने भी ईरान से अपने नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सांसद अब्दुल रशीद शेख ने एस जयशंकर को लिखा पत्र
ईरान में बिगड़ते हालातों को देखते हुए जम्म-कश्मीर के बारामूला के सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद ने EAM डॉ. एस जयशंकर को चिट्ठी लिखकर ईरान में तनावपूर्ण हालात के बीच फंसे कश्मीरी स्टूडेंट्स को बचाने और सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है। ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ी संख्या में कश्मीरी छात्र पढ़ाई करते हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सांसद ने विदेश मंत्री को यह पत्र लिखा है।
भारत ने जारी की एडवाइजरी
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत के चलते ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों तरफ से एक दूसरे को धमकी दी जा रही है। जिस वजह से ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों में कभी भी युद्ध जैसे माहौल बन सकते हैं। ईरान में फैली हिंसा को देखते हुए भारत ने हाल ही में एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि इसमें कहा गया है कि जो भी भारतीय नागरिक, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक, इस समय ईरान में हैं, उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकल जाना चाहिए।





