पश्चिम बंगाल में हुए सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही राज्य की नई सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का इंतजार किया जा रहा था, और अब आखिरकार इस लंबी प्रतीक्षा का अंत हो गया है। राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने मंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया है, जिससे सरकार के कामकाज को गति मिल सके और जनता तक सीधे लाभ पहुँचाने तथा सुगम शासन स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। यह विभागों का आवंटन पश्चिम बंगाल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां शुभेंदु अधिकारी राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर भाजपा के पहले नेता बन गए हैं जिन्होंने इस सर्वोच्च पद को ग्रहण किया है।
बंगाल कैबिनेट मंत्रियों को बांटे गए विभाग
इस महत्वपूर्ण घोषणा के तहत, कई प्रमुख चेहरों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को पंचायत मामलों एवं ग्रामीण विकास और पशुधन विकास मंत्री की दोहरी जिम्मेदारी दी गई है, जो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने और पशुधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, निशित प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, युवा कल्याण और खेल जैसे महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं, जिससे उत्तर बंगाल क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता मिल सके और राज्य के युवाओं को खेल व कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। यह आवंटन स्पष्ट करता है कि नई सरकार क्षेत्रीय संतुलन और युवा सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देना चाहती है।
महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास के मोर्चे पर भी नई सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण और नगर निगम जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि वे राज्य में महिलाओं और बच्चों के उत्थान के साथ-साथ शहरी निकायों के विकास और प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा, जनजातीय विकास के कार्यों की जिम्मेदारी खुदीराम टुडू को सौंपी गई है, जिससे राज्य के जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास और उनकी मुख्यधारा में भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। वहीं, मंत्री अशोक कीर्तनिया को राज्य के खाद्य विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व मिला है, जो जनता तक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, और उनके साथ उनके मंत्रिपरिषद में पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। विभागों का यह बंटवारा उन पहले पांच मंत्रियों के बीच हुआ है, लेकिन पश्चिम बंगाल में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 निर्धारित है, जिसका स्पष्ट मतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बंगाल सरकार में आने वाले समय में 39 और मंत्री शामिल हो सकते हैं। यह मंत्रिपरिषद का विस्तार बाद में किया जाएगा, जिससे सरकार के सभी पहलुओं को कवर किया जा सके और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रकार, यह पहला चरण राज्य में सुगम शासन और जनता के सीधे लाभ की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे नई सरकार अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर सके और राज्य के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ा सके।
West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari finalised the portfolio allocation among five ministers at a meeting with MLAs today.
The portfolios are as follows:
1) Dilip Ghosh – Rural Development, Panchayats, and Animal Resources
2) Ashok Kirtania – Food Department
3)…
— ANI (@ANI) May 11, 2026






