पंजाब के शहरी क्षेत्रों में स्थानीय शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य चुनाव आयोग ने आगामी नगर निगम और नगर परिषद चुनावों की विस्तृत तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इन चुनावों के माध्यम से शहरी निकायों को नए प्रतिनिधि मिलेंगे, जो स्थानीय विकास और प्रशासन की बागडोर संभालेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी ने चंडीगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इन चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की।
पंजाब निकाय चुनाव का शेड्यूल
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया 26 मई को संपन्न होगी, जिसके बाद 29 मई को मतगणना के उपरांत परिणामों की घोषणा की जाएगी। यह दिन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेगा और नए निर्वाचित प्रतिनिधियों को सामने लाएगा। नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों को 13, 14, 15 और 16 मई का समय दिया गया है। इन चारों दिनों में उम्मीदवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की गहन जांच 18 मई को की जाएगी, ताकि सभी प्रविष्टियां नियमानुसार हों। उम्मीदवारों के पास अपने नामांकन पत्र वापस लेने के लिए 19 मई तक का समय होगा, जिसके बाद चुनावी मैदान में अंतिम दावेदारों की सूची स्पष्ट हो जाएगी।
इस वर्ष पंजाब में कुल आठ बड़े नगर निगमों में चुनाव कराए जाएंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। इन निगमों के अलावा, प्रदेश की 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नए प्रतिनिधि चुने जाएंगे। राज्य भर में इन शहरी चुनावों के लिए कुल 3977 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मतदाताओं को सुविधाजनक तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिल सके। यह उल्लेखनीय है कि ये सभी चुनाव केवल शहरी क्षेत्रों में ही आयोजित किए जा रहे हैं।
पंजाब में मतदाताओं का आंकड़ा, आचार संहिता लागू
इन चुनावों में कुल 36,72,932 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जो उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में 18 लाख 990 पुरुष मतदाता, 17 लाख 73 हजार महिला मतदाता और 226 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। चुनावों की घोषणा के साथ ही, राज्य में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके मद्देनजर, राज्य भर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगाने हेतु सरकार को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो।
राज्य चुनाव आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश
नामांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ एक शपथ पत्र भी जमा करना होगा, जिसमें उन्हें अपनी चल-अचल संपत्ति और किसी भी आपराधिक मामले से संबंधित संपूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। नामांकन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी, और नामांकन पत्र ऑनलाइन भी उपलब्ध होंगे। इन ऑनलाइन विवरणों को प्रतिदिन अद्यतन किया जाएगा, जिससे सभी संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी। चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा भी निर्धारित की है। नगर निगम चुनावों के लिए यह सीमा 4 लाख रुपये तय की गई है, जबकि नगर परिषद के उम्मीदवारों के लिए 3 लाख 60 हजार रुपये और नगर पंचायत के लिए 1 लाख 40 हजार रुपये की व्यय सीमा होगी। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस के समन्वय में कुल 35 हजार 500 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। नामांकन अवधि के दौरान, नामांकन केंद्रों के अंदर और बाहर दोनों जगह वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार और उनके प्रस्तावक अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। उनके अलावा, नामांकन कक्ष के भीतर अधिकतम चार अन्य व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, जिससे अनावश्यक भीड़भाड़ से बचा जा सके और प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे।







