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पश्चिम बंगाल SIR: लाखों वोटर्स ने नाम डिलीट, ममता बनर्जी ने बुलाई बूथ लेवल एजेंटों की बैठक

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ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र में करीब 45 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। एसआईआर का दूसरा चरण पश्चिम बंगाल में शुरू हो चुका है। जिसके देखते हुए मुख्यमंत्री बूथ लेवल एजेंटों ने मिलेंगी। 
पश्चिम बंगाल SIR: लाखों वोटर्स ने नाम डिलीट, ममता बनर्जी ने बुलाई बूथ लेवल एजेंटों की बैठक

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण ड्राफ्ट मतदाता सूची (West Bengal Sir) जारी कर दी है। करीब 58 लाख वोटर्स के नाम डिलीट किए गए हैं, जो चर्चा का विषय बन चुका है। चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। राज्य में अब एसआईआर फेज 2 शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के साथ बैठक बुलाई है।

22 दिसंबर को कोलकाता के नेताजी इनडोर स्टेडियम में बूथ लेवल एजेंटों के साथ टीएमसी सुप्रीमो बैठक करेंगी। इस दौरान एसआईआर के फेज-2 के लिए वोटर लिस्ट स्ट्रेटजी पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य दावों और आपत्तियों, जमीनी स्तर पर वेरिफिकेशन और सुनवाई के दौरान वोटर की मदद करने में बूथ लेवल पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका को मजबूत करना है। इसमें कोलकाता के कई क्षेत्रीय नेता भी शामिल होंगे।

ममता बनर्जी के क्षेत्र से 44,000 से अधिक वोटर्स हटे 

विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र भवानीपुर से 44.787 यानी 21.7% वोटर्स के नाम डिलीट किए गए हैं। ईसीआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2025 में मतदाताओं की संख्या 2 लाख 6 हजार 295 थी। ड्राफ्ट रोल के मुताबिक मतदाताओं की संख्या 1,61,509 देखी गई है।

1.36 करोड़ लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया

एसआईआई ड्राफ्ट रोल में डिलीट किए वोटर्स में 24 लाख से अधिक मृत लोग हैं। 19 लाख से अधिक लोगों ने माइग्रेट किया है। 12 लाख से अधिक लोग मिसिंग है और 1.38 लाख से अधिक मतदाता को डुप्लीकेट एंट्रीज के कैटेगरी में रखा गया है। वहीं अन्य विसंगतियों के कारण 57000 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। 1.36 करोड़ लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

अभिषेक बनर्जी का BJP पर हमला

एसआईआर ड्राफ्ट रोल के कारण पश्चिम बंगाल की सियासत भी गरमाई है। उन्होनें कहा, “बीजेपी ने बंगाल को “घुसपैठियों का ठिकाना” बताने की पूरी कैसे कोशिश की थी। लेकिन चुनाव आयोग के डेटा इसे झूठा साबित कर दिया है। बंगाल को बदनाम करने की साजिश नाकाम रही।” उन्होनें आगे कहा, भाजपा कथित तौर पर एक करोड़ बांग्लादेशी और रोहनगियों के पश्चिम बंगाल में घुसने का दावा कर रहे थे। अब यह सीधा सवाल है, जिसका टाला नहीं जा सकता। अब वे कहाँ हैं?” इसके अलावा अभिषेक बनर्जी ने जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें न घबराने की सलाह दी। कहा कि, “किसी भी एजेंसी को लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने नहीं दिया जाएगा।” 

फरवरी में आएगी अंतिम वोटर लिस्ट 

ड्राफ्ट रोल में जिन लोगों के नाम नहीं है, वे नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करने का मौका कर सकते हैं। केवल फॉर्म 6 भरना होगा। दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। सुनवाई और सत्यापन 7 फरवरी तक होगा। वहीं अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को चुनाव आयोग जारी करेगा।

Manisha Kumari Pandey
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