मध्यप्रदेश के नीमच में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सनातन आस्था, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का ऐसा विराट संगम देखने को मिला जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और धर्ममय बना दिया। दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में विराट सनातन राष्ट्र धर्मसभा एवं संत समागम का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से आए संत-महात्माओं ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र चेतना का संदेश दिया।
बता दें कि हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविन्द्रपुरी महाराज सहित देशभर से पधारे अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित संतों ने सनातन परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस धर्मसभा में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रिकमणि मोमिन, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के सांसद-विधायक, विभिन्न मंत्री, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
स्वामी कैलाशानन्द गिरी ने नीमच को बताया धर्म और आस्था की पावन नगरी
आयोजित धर्मसभा ने श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने अपने उद्बोधन में नीमच को धर्म और आस्था की पावन नगरी बताते हुए कहा कि इस भूमि और यहां की जनता पर भगवान महादेव की विशेष कृपा सदैव बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति विश्व को प्रेम, करुणा, सेवा, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देने वाली शाश्वत जीवन पद्धति है।
ऐतिहासिक और भव्य होगा आगामी सिंहस्थ महाकुंभ
धर्मसभा के बाद स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ ऐतिहासिक और भव्य होगा। देश के साधु संतों और महात्माओं के साथ राज्य के मुख्यमंत्री लगातार बैठकें कर रहे हैं। हाल ही में जिला प्रशासन एवं अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों पर मंथन किया गया।
सिंहस्थ में 40 से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना: स्वामी कैलाशानन्द गिरी
स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने आगे कहा कि प्रयागराज में साल 2025 में महाकुंभ हुआ है हम लोग उससे भी अच्छा सिंहस्थ महाकुंभ लगाना चाहेंगे। देश के सभी संत महंत राज्य सरकार और उज्जैन प्रशासन के साथ हैं। स्वामी जी ने कहा कि सिंहस्थ में करीब 40 से 50 करोड़ लोगों की आने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीएम डॉ. मोहन यादव के द्वारा इस विशाल कुंभ आयोजन होगा इसलिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई देता हूं।
स्वामी कैलाशानन्द गिरी महाराज ने कहा कि नीमच में आयोजित यह संत समागम आने वाले सिंहस्थ की आध्यात्मिक चेतना का एक प्रारंभिक स्वरूप है। श्रावण मास की महिमा बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव की आराधना और सनातन संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।





