पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद में पुलिस ने मध्य प्रदेश के नीमच जिले से जुड़े अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक कथित पत्रकार को उसकी महिला साथी के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 13 किलो 60 ग्राम अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 70 लाख रुपए आंकी जा रही है। अफीम की यह खेप नीमच से हरियाणा के फतेहाबाद और सिरसा में सप्लाई करने के लिए लाई जा रही थी। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अपनी लग्जरी कार पर ‘प्रेस’ और न्यूज पेपर के स्टिकर लगा रखे थे ताकि वे खुद को मीडियाकर्मी बताकर पुलिस नाकों और चेकिंग से आसानी से बच निकलें।
फर्जी आईडी कार्ड बरामद, महिला साथी भी पकड़ी
मुख्य आरोपी की पहचान नीमच जिले की रामपुरा तहसील के बरलाई निवासी ईश्वर लाल पाटीदार के रूप में हुई है, जबकि उसकी साथी सोना प्रजापति मध्य प्रदेश के ही रायसेन की रहने वाली है। पुलिस की सघन तलाशी के दौरान ईश्वर लाल के पास से ‘प्रेस’ के चार अलग-अलग फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए। हैरान करने वाली बात यह है कि इन सभी कार्ड्स पर नाम और पता तो ईश्वर लाल पाटीदार का ही दर्ज है, लेकिन पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्वीरें अलग-अलग लगाई गई थीं।
यूट्यूब पर खुद को दिखाता है सक्रिय पत्रकार
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और अपने यूट्यूब चैनल की आड़ में खुद को एक प्रभावशाली पत्रकार के रूप में पेश करता था, ताकि समाज में रसूख बनाए रखकर मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक सुरक्षित नेटवर्क तैयार कर सके।
फर्जी पत्रकार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में फतेहाबाद की एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि सीआईए (CIA) रतिया की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से दिल्ली नंबर की एक होंडा सिटी कार (DL-3CBA-2461) में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लाया जा रहा है। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर नेशनल हाईवे-9 स्थित धांगड़ पुल के पास नाकाबंदी कर इस संदिग्ध कार को रोका गया। पुलिस के अनुसार, नीमच के इस फर्जी पत्रकार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इससे पहले भी इसके खिलाफ पंजाब के बठिंडा में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नशा तस्करी का गंभीर मामला दर्ज हो चुका है।
सिंडिकेट को खंगालने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर फतेहाबाद में मामला दर्ज कर उन्हें रिमांड पर ले लिया है। अब पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी है ताकि नीमच के उन मुख्य तस्करों का भी पर्दाफाश किया जा सके जो इन्हें इतनी बड़ी मात्रा में अफीम मुहैया कराते थे।







