देश में अभी भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है और चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि इस घटना से राम भक्तों की भावना को चोट पहुंची है। दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। इस बीच, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मामले में बड़ा बयान देते हुए अपनी पदयात्रा का भी ऐलान कर दिया है। साथ ही चंदा और चढ़ावा चोरों को लेकर सख्त कदम भी उठाया है।
बता दें कि दिग्विजय सिंह ने चंदा और चढ़ावा चोरों के लिए अपने आवास में आने पर बैन लगा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने 2 अक्टूबर से महाकाल मंदिर उज्जैन से रामलला मंदिर अयोध्या तक अपनी गैर राजनीतिक पदयात्रा का भी ऐलान कर दिया है। साथ ही राम मंदिर चंदा मामले में भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
चंदा और चढ़ावा चोरों का मेरे निवास पर प्रवेश निषेध: दिग्विजय सिंह
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने भोपाल स्थित आवास के बाहर एक बैनर लगाया है। जिसमें ऊपर की तरफ एक तरफ भगवान शिव तो दूसरी तरफ भगवान श्रीराम की तस्वीर लगी है। साथ ही नीचे की ओर राहुल गांधी और महात्मा गांधी की तस्वीर लगी है और बीच में लिखा है कि हमारी आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए समूचे देश के द्वारा दिए गए चंदा के चोरों और चढ़ावा चोरों का मेरे निवास पर प्रवेश निषेध है।

दिग्विजय सिंह ने पदयात्रा का किया ऐलान
इस दौरान दिग्विजय सिंह ने अपनी पदयात्रा का भी ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2026 से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से रामलला की नगरी अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करेंगे, जो पूरी तरह गैर राजनीतिक होगी। इस दौरान वे उनके द्वारा राम मंदिर में किए गए सहयोग का पूरा लेखा जोखा की कॉपी लेकर चलेंगे और अयोध्या पहुंचकर मंदिर ट्रस्ट से विस्तृत हिसाब की मांग करेंगे।
अयोध्या के कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे दिग्विजय सिंह
इसके अलावा पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम और राम मंदिर में अपनी आस्था के चलते मंदिर निर्माण में दान दिया था लेकिन हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। साथ ही कहा कि वह इस मामले में अयोध्या में मुकदमा दायर करेंगे और दान राशि वापस किए जाने की मांगे करेंगे। कांग्रेस नेता का आरोप है कि उनके द्वारा दिए गए दान का दुरुपयोग किया गया है।
अपनी बात को जारी रखते हुए दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए दो बार चंदा अभियान चलाया गया। पहली बार लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा के दौरान मैंने भी दान दिया था, क्योंकि मेरी भगवान श्रीराम और मंदिर में आस्था है। लेकिन उस अभियान में एकत्र किए गए धन का कभी पूरा हिसाब नहीं दिया गया। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के पश्चात एक और चंदा अभियान चलाया गया।





