मध्य प्रदेश के नीमच के हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह और राजस्थान के जोधपुर की हिस्ट्रीशीटर सुनिता बिश्नोई उर्फ ‘सुमता डॉन’ ने मिलकर चित्तौड़गढ़ के एक मिष्ठान व्यवसायी को ₹2.45 करोड़ का चूना लगाया है। इस सनसनीखेज मामले में जोधपुर के बोरानाड़ा थाने में BNS 2023 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों फरार हैं और उनके फोन भी स्वीच ऑफ आ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले तो मिष्ठान व्यवसायी पर्वत सिंह राजपुरोहित (जोधपुर निवासी) को चित्तौड़गढ़ में मनचाहा SP लगवाने और सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसादी का करोड़ों का ठेका दिलाने का लालच देकर ₹1.05 करोड़ नकद ऐंठे। इसके बाद 65 किलो अफीम तस्करी के एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत दिलाने के नाम पर पीड़ित के जरिए एक अन्य परिवार से ₹1.40 करोड़ और वसूल लिए। इतना ही नहीं रसूख दिखाने के लिए सुनिता ने कार में ‘हाईकोर्ट जज’ से फर्जी फोन कॉल पर बात करने का नाटक भी किया, जिससे पर्वत सिंह को भरोसा हो जाए।
जब कई दिन बीत गए और न तो तबादला हुआ, न जमानत मिली और मामले का पर्दाफाश होने पर विवाद बढ़ा तो आरोपियों ने ₹30 लाख लौटा दिए और बाकी रकम के बदले एक विवादित प्लॉट के पेपर पीड़ित राजपुरोहित को थमा दिया (जिस पर पहले से धोखाधड़ी का केस दर्ज था)। जब मामला और खुला तो पीड़ित ने अपने बाकी के पैसे वापस मांगे, तो लेडी डॉन सुनिता बिश्नोई ने व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके बाद व्यापारी सीधे जोधपुर के बोरानाड़ा थाना पहुंचा।
पीड़ित ने सभी व्हाट्सएप चैट, पेपर और कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी हैं। जोधपुर के बोरानाड़ा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश (BNS 316, 318, 308, 61) का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों आरोपियों के फोन स्वीच ऑफ आ रहे हैं। अनुसंधान अधिकारी (IO) चमनाराम उपनिरीक्षक को जांच सौंपी गई है।








