मध्य प्रदेश में अगले 2 से 3 जुलाई तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार (29 जून 2026) को 47 जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी चलने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ के 2 जुलाई 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
रविवार (29 जून 2026) को मंदसौर, रतलाम, गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन और छतरपुर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उज्जैन में 33.5 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, जबलपुर में 38.3 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम केंद्र भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी 2-3 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं, तथा उसके बाद के 2- 3 दिनों में यह अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। जुलाई के पहले हफ्ते तक भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में प्रवेश करने की संभावना है। मानसून की उत्तरी सीमा 23-24 जून से सूरत, आलीराजपुर, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज पर स्थिर है।
सोमवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
जानिए अबतक कहां कितनी हुई बारिश
1 से 28 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 38 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अबतक औसतन 116.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 71.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 67% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 10% कम पानी गिरा है।
सामान्य से कम बारिश वाले जिले: अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
सामान्य से अधिक वर्षा: भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर।








