मध्य प्रदेश के 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता जल्द साफ हो सकता है। पिछले 10 वर्षों से रुकी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आज, 29 जून 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालय में अहम बैठक बुलाई है। विभाग के अपर सचिव की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में प्रदेश के 20 प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्षों के प्रतिनिधियों (उप सचिव स्तर के अधिकारियों) को शामिल होने के निर्देश दिए गए है।
सभी विभागों से उनके कैडर, स्वीकृत पदों की संख्या, प्रमोशन के लिए तय योग्यता और वर्तमान में खाली पड़े पदों की पूरी जानकारी (क्रेडेंशियल) साथ लाने के लिए कहा गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ के तहत नए नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप देना है, जिससे प्रदेश के करीब 4.50 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो सके। माना जा रहा है कि बैठक के बाद अंतिम मसौदा तैयार कर जल्द ही पदोन्नति संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
बैठक में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के ‘नियम-5’ के तहत विभिन्न संवर्गों के लिए ‘X’ और ‘Y’ (पदों और आरक्षण की गणना के मानक) के निर्धारण पर चर्चा होगी। खासकर उन संवर्गों के लिए नए फॉर्मूले तय किए जाएंगे, जिनमें यह संख्या 0 या 1 निर्धारित की जानी है। इसके साथ ही, एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित पदों की सही गणना को लेकर भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश और ट्रेनिंग दी जा रही है।
गौरतलब है कि साल 2016 से कोर्ट केस के चलते मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन बंद हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या मं कर्मचारी वर्षों तक एक ही पद पर कार्य करते रहे और कई कर्मचारी बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो गए। हालांकि सरकार द्वारा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जून 2025 में नए नियम बनाए गए, जिन्हें हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हालांकि, हाल ही में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि हाईकोर्ट ने नए नियमों पर कोई सीधा ‘स्टे’ (रोक) नहीं लगाया है और फैसला सुरक्षित रखा है, इसलिए सरकार इस प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ा सकती है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी साफ किया है कि वर्तमान में कोई रोक नहीं होने के कारण प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
राज्य सरकार की इस पहले से जहां युवाओं के लिए रोजगार और भर्ती के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सामान्य, अल्पसंख्यक वर्ग और पिछड़ा वर्ग के कर्मचारी संगठनों (जैसे सपाक्स व मंत्रालय सेवा संघ) ने इस बैठक और 2025 के नियमों का विरोध शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को अनारक्षित (जनरल) पदों पर पदोन्नत न किया जाए।






