मध्य प्रदेश के नीमच जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाला एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। चपलाना गांव के रहने वाले एक बेकसूर ग्रामीण अम्बालाल नायक को रेत माफियाओं ने केवल इस शक में अगवा कर लिया कि वह खनिज विभाग का मुखबिर है। दबंगों ने युवक को चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

खनिज अधिकारी से मुलाकात बनी आफत

पीड़ित अम्बालाल बोरिंग मशीन और क्रशर पर मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है। पीड़ित ने एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बीते 21 तारीख की शाम जब वह गिट्टी की ट्रॉली लेने निकला था, तभी माफिया के गुर्गों ने उसे रास्ते से उठा लिया। दरअसल, कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अधिकारी उसके घर पहुंचे थे, जिससे बौखलाए माफियाओं को लगा कि अम्बालाल उनके काले कारोबार की पोल खोल रहा है।

4 दिनों तक दीं दिल दहलाने वाली यातनाएं

अवैध रूप से बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने अम्बालाल को चार दिनों तक लगातार यातनाएं दीं और मारपीट की। इतना ही नहीं, दबंगों ने उस पर दबाव बनाकर मनगढ़ंत बयान दिलवाए और कई अनजान लोगों के नाम बुलवाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिन्हें पीड़ित जानता तक नहीं है। बेकसूर ग्रामीण का आरोप है कि आरोपियों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।

परिवार पर मंडरा रहा मौत का साया

चार दिनों के नरक से किसी तरह छूटने के बाद अब पीड़ित अम्बालाल और उसका परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है। दबंगों ने साफ लहजे में धमकी दी है कि अगर उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया या किसी से शिकायत की, तो उसे घर से उठवाकर रास्ते से हटा दिया जाएगा। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पूरे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।

पीड़ित ने लगाई सुरक्षा की गुहार

अपनी और अपने परिवार की जान पर बने खतरे को देखते हुए पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों से तुरंत सुरक्षा देने की गुहार लगाई है। अम्बालाल ने मांग की है कि बेखौफ घूम रहे रेत माफिया के गुर्गों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन दबंगों पर कब तक शिकंजा कस पाता है।