नीमच में नगर पालिका के कामकाज और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच गुरुवार को कलेक्टर ने नगर पालिका सहित कई शासकीय संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। वहीं निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर पालिका से जुड़े सभी प्रकरण तय समय सीमा में निपटाए जाएं।
दरअसल कलेक्टर ने कहा कि लीज नवीनीकरण, पट्टा नवीनीकरण और नामांतरण जैसे मामलों में किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लीज नवीनीकरण के मामलों में तीन महीने की तय समय सीमा के भीतर नगर पालिका परिषद की बैठक बुलाकर प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लंबित मामलों पर कलेक्टर की सख्ती
दरअसल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नगर पालिका पहुंचे लोगों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभव और शिकायतों की जानकारी ली। करीब पांच से छह नागरिकों से चर्चा के दौरान एक व्यक्ति ने आवेदन के निराकरण में देरी की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित प्रकरण का निपटारा आगामी नगर पालिका परिषद की बैठक में किया जाए, जो करीब 10 दिन के भीतर प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगर पालिका के किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। हर आवेदन की समय सीमा तय कर उसी के अनुसार कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कामकाज की प्रक्रिया और लंबित मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने यह भी कहा कि नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और समय पर उनका निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।
कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी हुई समीक्षा
कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नगर पालिका में निरीक्षण के दौरान कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर मौजूद मिले। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग में भी समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग को लेकर उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति ई-अटेंडेंस के माध्यम से दर्ज की जा रही है। निरीक्षण के दौरान एक स्कूल में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित संकुल प्राचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।






