मध्यप्रदेश के नीमच जिले में नशे के खिलाफ चल रहे जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बुधवार को ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत साइकिल रैली का आयोजन किया। पुलिस कंट्रोल रूम से शुरू हुई यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए क्रमांक-2 हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान पहुंची। रैली में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लेकर नशा मुक्त समाज बनाने का संदेश दिया।
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों को प्रशासन प्रभावी माध्यम मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता लाना भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि अभियान के दूसरे चरण में समाज के हर वर्ग को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। खासतौर पर युवाओं को लक्ष्य बनाकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ सकें।
कलेक्टर ने दिलाया नशा मुक्त समाज का संकल्प
साइकिल रैली के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं होती, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह खुद भी नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करे।
हिमांशु चंद्रा कलेक्टर नीमच
कलेक्टर ने कहा कि यदि समाज, परिवार, स्कूल, प्रशासन और युवा मिलकर काम करें तो नशे जैसी चुनौती पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आसपास यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे समाज से अलग करने के बजाय उसकी मदद करें और सही रास्ता दिखाएं। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर जीवन की ओर प्रेरित करना भी है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने का भरोसा दिया।
राजेश व्यास एसपी नीमच
‘नशे से दूरी, खेल है जरूरी’ थीम पर होगा युवाओं का फोकस
अभियान के दौरान प्रशासन ने ‘नशे से दूरी, खेल है जरूरी’ थीम को आगे बढ़ाते हुए फुटबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की घोषणा भी की। फुटबॉल के लिए पहचान रखने वाले नीमच में खेलों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करते हैं, जिससे नशे जैसी बुरी आदतों से दूरी बनाना आसान होता है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं नशे के कारोबार या नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इस मौके पर वन मंडलाधिकारी एस.के. अटोदे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल, सीएसपी किरण चौहान सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भी इसी तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।






