डॉक्टर को आम जनता के बीच भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन लोगों की जान बचाने वाला ये रक्षक ही अगर भक्षक बन जाए तो क्या होगा। ऐसा एक मामला नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 14 वर्ष से बालक की जान चली गई।
तिलस्वां चौराहा क्षेत्र से सामने आई इस घटना में परिजनों द्वारा 11 जुलाई 2026 को सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक लिखित शिकायत पत्र दिया गया है। इसमें बताया गया है कि बच्चे अंसार खान की मां उसे इलाज के लिए धाकड़ क्लिनिक लेकर गई थी। यहां डॉक्टर ने उसे ड्रिप और इंजेक्शन दिया था। इसके बाद अंसार की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
मौके से फरार हुआ डॉक्टर
परिजनों का आरोप है कि बच्चे की तबीयत ठीक नहीं थी और वह हाथ पैर दर्द की शिकायत कर रहा था। इस पर क्लिनिक संचालक विनोद धाकड़ ने बिना किसी मेडिकल जांच के बच्चे को ड्रिप और इंजेक्शन लगाया। 15 मिनट ही गुजरे थे कि बच्चे की तबीयत खराब होने लगी। जब हालत गंभीर हो गई तो डॉक्टर ने पल्ला झाड़ लिया और उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि वो भी उनके साथ चल रहा है और उन्हें गाड़ी में बैठाकर मौके से फरार हो गया।

बतौर परिजन जब वो बच्चे को लेकर भीलवाड़ा के अस्पताल पहुंचे तब उन्होंने डॉक्टर को यह पूछने के लिए फोन लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर जाना चाहते हैं कि बच्चे के इलाज में किस इंजेक्शन और ड्रिप का इस्तेमाल किया है तो उनके फोन को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद एक व्यक्ति को धाकड़ के पास भेजा गया तो उसने इलाज की गलत पर्ची बनाकर दे दी। सही इलाज ना मिल पाने से बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि विनोद धाकड़ बिना किसी डिग्री के भरे बाजार में अपना क्लीनिक संचालित करता है।

कार्रवाई की मांग
बच्चे को खोने के बाद परिजनों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार के लोगों का कहना है कि हमने अपने बच्चे को खो दिया है, हम नहीं चाहते किसी ओर के बच्चे के साथ ये सब हो इसलिए फर्जी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कमलेश सारड़ा, नीमच






