नीमच के बिसलवास कलां क्षेत्र में बिजली के खंभे पर मरम्मत कार्य कर रहे एक आउटसोर्स कर्मचारी की अचानक बिजली सप्लाई चालू होने से करंट की चपेट में आकर मौत की खबर सामने आई है। मृतक की पहचान प्रताप सिंह (पिता भंवर सिंह), निवासी अगावली के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला है। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों ने मंगलवार को बिजली कंपनी के कार्यालय के बाहर शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन और चक्काजाम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। परिजनों ने प्रशासन के सामने कुछ मांगे भी रखी हैं।

परमिट के बावजूद अचानक चालू हुई सप्लाई

परिजनों का कहना है कि प्रताप सिंह खंभे पर चढ़कर लाइन का काम कर रहे थे। बिजली को बंद करने का परमिट (शटडाउन) निर्धारित समय तक लिया गया था। लेकिन तय समय से पहले ही अचानक विद्युत प्रवाह बहाल कर दिया गया। करंट लगते ही प्रताप सिंह खंभे से नीचे गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।  प्रताप सिंह पिछले करीब 10 वर्षों से बिजली विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी किया गया और न ही कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रोटोकॉल उपलब्ध कराए गए। मृतक की मौत के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

परिजनों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अधिकारियों के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं। परिजनों ने कहा कि समय से पहले लाइन चालू करने वाले जिम्मेदार कर्मी पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा तुरंत मंजूर हो। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे आंदोलन को जारी रखेंगे।

कमलेश सारडा की रिपोर्ट