नीमच में अशोक ट्रैवल्स की क्षतिग्रस्त बस को 40 यात्रियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना करने का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। दरअसल बस की विंडशील्ड पूरी तरह गायब थी दरवाजा रस्सी से बंधा था और वाहन की हालत पर सवाल उठने के बाद जिला युवा प्रेस क्लब ने ट्रैवल्स प्रबंधन के साथ ट्रैफिक थाना प्रभारी और RTO के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की है। यहीं शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री से लेकर मानवाधिकार आयोग तक भेजी गई हैं।

दरअसल यात्रियों का आरोप है कि जब उन्होंने सुरक्षित बस की मांग की तो ट्रैवल्स के कर्मचारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उसी बस से यात्रा करने का दबाव बनाया। मामला बढ़ने पर पत्रकार भी मौके पर पहुंचे लेकिन इसके बावजूद बस को रवाना होने से नहीं रोका गया।

यात्रियों ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

घटना के मुताबिक बस करीब तीन घंटे तक नीमच में खड़ी रही। इस दौरान मौजूद पत्रकारों ने ट्रैफिक थाना प्रभारी मलखान सिंह परमार को सूचना दी और RTO नंदलाल गामड़ से भी संपर्क करने की कोशिश की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्रवाई का भरोसा मिलने के बावजूद मौके पर ट्रैफिक पुलिस नहीं पहुंची और बस बिना रोक-टोक दिल्ली के लिए निकल गई। साथ ही यात्रियों ने बताया कि बिना विंडशील्ड के लंबे सफर में तेज हवा, धूल और सड़क पर उड़ने वाले कंकड़-पत्थरों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा सामने का कांच नहीं होने से चालक की सुरक्षा और वाहन नियंत्रण पर भी असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि ऐसी हालत में बस को सड़क पर उतारना यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा था। घटना के बाद पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते वाहन की जांच होती तो यात्रियों को इस स्थिति में सफर नहीं करना पड़ता।

RTO पर कार्रवाई की मांग

वहीं जिला युवा प्रेस क्लब ने पूरे मामले को लेकर नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान को साक्ष्यों के साथ शिकायत सौंपी है। संगठन ने अशोक ट्रैवल्स प्रबंधन, चालक, परिचालक, ट्रैफिक थाना प्रभारी और RTO के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। दरअसल शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन मंत्री, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और मानवाधिकार आयोग समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

दरअसल पत्रकार संगठन ने कहा है कि यदि पांच दिन के भीतर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती तो वे चरणबद्ध तरीके से इस मामले को उठाएंगे और सीएम हेल्पलाइन पर भी बड़े स्तर पर शिकायतें दर्ज कराएंगे।

कमलेश सारड़ा, नीमच