मध्य प्रदेश के नीमच से अपहरण की एक घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक यहां प्रॉपर्टी में मुनाफा मिलने का लालच देकर नगर पालिका अध्यक्ष के रिश्तेदार का अपहरण किया गया और परिजनों से 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक 28 वर्षीय हर्षित चोपड़ा को पिस्टल दिखाकर बंधक बनाया गया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने डर के मारे अपहरणकर्ताओं को 25 लाख रुपए भी दिए। इसके बावजूद भी वह पूरी राशि देने का दबाव बना रहे थे। मामले में मोड़ तब आया जब हर्षित मौका पाकर खुद को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने में कामयाब रहा।
मांगी 50 लाख की फिरौती
जानकारी के मुताबिक इस घटना को पीड़ित के परिचित ने ही अंजाम दिया है। यह बताया जा रहा है कि कमलेश धनगर, हर्षित को राजस्थान के निंबाहेड़ा में जमीन दिखाने के बहाने ले गया था। यहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर पिस्टल तानी और मारपीट कर धमकी देते हुए 50 लाख रुपए की मांग की। जब परिजनों को यह पता चला कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है तो डर के मारे उन्होंने 25 लाख रुपए आरोपियों के हवाले किए। इसके बाद भी वह हर्षित को छोड़ नहीं रहे थे और पूरी रकम मांग रहे थे।
मौका पाकर भागा पीड़ित
इस अपहरण में सबसे अहम मोड़ तब आया जब निंबाहेड़ा बाईपास पर स्थित एक ढाबे पर आरोपी शराब लेने के लिए रुके। तभी मौका पाकर हर्षित गाड़ी से उतरकर दूसरी तरफ भाग निकला। वो पास ही स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा और लोगों से मदद लेकर निंबाहेड़ा पुलिस स्टेशन पर पहुंचा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की जानकारी लगने के बाद नीमच सिटी थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश धनगर और प्रथम प्रजापत के साथ 2 अन्य पर अपहरण और एक्सटॉर्शन सहित बीएनएस की धारा 140(3), 308(5), 115(2), 351 (3) और 3 (5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
इस मामले में टीआई सिटी थाना नीमच विजय सागरिया का कहना है कि हर्षित और उसके परिवार की तरफ से थाने में लिखित आवेदन दिया गया है। जिसमें कमलेश और प्रथम प्रजापत और उनके दोनों साथियों के खिलाफ अपहरण करने और फिरौती मांगने की जानकारी दी गई। विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही हैं और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई है।






