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स्कूल के खेल मैदान पर भूखंड आवंटन का विरोध, खिलाड़ियों ने निकाली रैली, आंदोलन की दी चेतावनी

Reported by:Kamlesh Sarda|Edited by:Atul Saxena
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बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी खिलाड़ी कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्कूल के खेल मैदान पर भूखंड आवंटन का विरोध, खिलाड़ियों ने निकाली रैली, आंदोलन की दी चेतावनी

Plot Allotment on school playground Neemuch

नीमच जिले के सरवनिया महाराज स्थित सांदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर भूखंड आवंटन के प्रस्ताव के विरोध में खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर परिषद द्वारा हाट मैदान के नाम से आवंटित भूमि पर प्लॉट देने की प्रक्रिया के खिलाफ खिलाड़ियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘स्कूल भूमि बचाओ’ के नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड से रैली की शुरुआत की, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई विद्यालय मैदान तक पहुंची। हाथों में तख्तियां लिए खिलाड़ियों ने मैदान को बचाने का संकल्प लिया। इस दौरान दुकानों से चंदा एकत्रित कर आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी भी दिखाई।

स्थानीय लोगों ने आंदोलन की दी चेतावनी 

खेल प्रेमियों का कहना है कि यह मैदान वर्षों से विद्यार्थियों और युवाओं के खेलकूद का मुख्य केंद्र रहा है। यदि यहां भूखंड आवंटन किया गया, तो बच्चों के खेलने की जगह खत्म हो जाएगी और खेल प्रतिभाओं को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने नगर परिषद के निर्णय को जनहित के खिलाफ बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

अधिकारियों ने मामले को दिखवाने का दिया भरोसा 

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी खिलाड़ी कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में नगर परिषद् अधिकारी ने कहा कि विद्यालय के खेल मैदान पर भूखंड आवंटन और नीलामी की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि “आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है, यदि वास्तव में विरोध हो रहा है तो इसका उचित निराकरण किया जाएगा।”

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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