नीमच: सट्टे की शिकायत करने वाले पर ही पुलिस की कार्रवाई ! TI बोले- कुर्की वारंट था, ग्रामीणों ने कहा “अन्याय हुआ”

नीमच के सिंगोली में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि जब उसके द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर सट्टे की शिकायत की गई तो पुलिस ने सटोरियों पर एक्शन लेने के बजाय उसे ही प्रताड़ित किया। पुलिस इसे पुराने कुर्की वारंट की कार्रवाई बता रही है, जबकि पीड़ित और ग्रामीण इसे राजनीतिक संरक्षण का मामला कह रहे हैं।
नीमच: सट्टे की शिकायत करने वाले पर ही पुलिस की कार्रवाई ! TI बोले- कुर्की वारंट था, ग्रामीणों ने कहा “अन्याय हुआ”

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध सट्टे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक नागरिक पर ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी। पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने सटोरियों को बचाने के लिए उल्टा शिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाया और उसे थाने में प्रताड़ित किया।

मामला सिंगोली के एक पंचर मिस्त्री ख्वाजा हुसैन से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की थी कि क्षेत्र में धड़ल्ले से सट्टे का कारोबार चल रहा है। लेकिन इस शिकायत का नतीजा यह हुआ कि पुलिस की टीम सटोरियों के बजाय ख्वाजा हुसैन की दुकान पर पहुंच गई।

राजनीतिक रसूख का आरोप

ख्वाजा हुसैन का आरोप है कि रावतभाटा रोड पर धोगवा क्षेत्र में एक ढाबे पर खुलेआम सट्टा, मांस और शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे भाजपा नगर पंचायत अध्यक्ष के भाई पारस उर्फ बब्बन बगड़ा (जैन) संचालित करते हैं। इस अवैध कारोबार के कारण गरीब मजदूरों के परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इतना ही नहीं हुसैन द्वारा यह सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से SP को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस पर आरोप

आरोप है कि शिकायत के बाद सिंगोली थाना प्रभारी बी एल भाभर ने ख्वाजा हुसैन और उनके बेटे शाहरुख को थाने बुलाया। वहां उन्हें गालियां दी गईं और शिकायत वापस लेने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हुसैन के अनुसार, जब उन्होंने अपना मोबाइल देने से इनकार किया, तो पुलिस ने बिना सर्च वारंट के उनकी दुकान की तलाशी ली।

“नगर पंचायत अध्यक्ष का भाई सट्टा चलाता है, इस बात की शिकायत मैंने सीएम हेल्पलाइन पर की। इस पर सिंगोली पुलिस के जवान आकर मुझे थाने ले गए और कहा कि यह शिकायत हटा लो वरना ठीक नहीं होगा। मुझे परेशान किया गया।” — ख्वाजा हुसैन, शिकायतकर्ता

पुलिस का पक्ष: कुर्की वारंट के तहत हुई कार्रवाई

इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी टीआई बी एल भाभर ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि ख्वाजा हुसैन के खिलाफ 3 लाख 25 हजार रुपए का एक कुर्की वारंट लंबित था। पुलिस उसी वारंट के तहत कार्रवाई करने गई थी।

टीआई ने कहा, “हमने न्यायालयीन आदेश के तहत उसकी दुकान पर सर्चिंग की थी। जब उसने न्यायालय से समय मांगा और अदालत ने उसे राहत दी, तो उसे छोड़ दिया गया। हमारी कार्रवाई पूरी तरह कानूनी थी।”

ग्रामीणों ने बताया अन्याय

हालांकि, स्थानीय ग्रामीण पुलिस की इस दलील से सहमत नहीं हैं। समाजसेवी पंकज तिवारी समेत कई ग्रामीणों का कहना है कि ख्वाजा हुसैन के साथ अन्याय हुआ है।

“ख्वाजा हुसैन के साथ गलत हुआ है। उन्होंने समाज की भलाई के लिए सट्टा बंद करवाने की बात कही थी, लेकिन पुलिस ने उनकी सुनने के बजाय उन्हें ही आरोपी बना दिया। यह सीधा अन्याय है।” — पंकज तिवारी, स्थानीय निवासी

ग्रामीणों का आरोप है कि सट्टा माफिया को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है और शिकायत करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है ताकि असली सटोरियों पर कार्रवाई हो सके। यह भी आरोप है कि पुलिस ने ख्वाजा हुसैन के नंबर की डुप्लीकेट सिम निकलवाकर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद करवा दी।

ख्वाजा हुसैन ने क्या कहा सुनें

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पंकज तिवारी ने लगाए आरोप

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नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट

Ankita Chourdia
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