मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के मोहन्द्रा गांव में अवैध शराब के कारोबार और शराबियों की बढ़ती गतिविधियों से परेशान महिलाओं का सब्र टूट गया। गांव में लगातार बिगड़ते माहौल से नाराज दर्जनों महिलाएं आधी रात पुलिस चौकी पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि गांव में सुरक्षा का माहौल खत्म होता जा रहा है और अब घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से गांव में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। इसी वजह से उन्होंने एकजुट होकर पुलिस से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है।
अवैध शराब के कारण बढ़ रहा डर का माहौल
महिलाओं का कहना है कि गांव के कई स्थानों पर खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। शाम होते ही शराब पीने वालों की भीड़ जमा होने लगती है। इसके बाद गाली-गलौज और हंगामे जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। इससे पूरे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार शराब के नशे में लोग रास्तों पर खड़े होकर आने-जाने वालों को परेशान करते हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शाम छह बजे के बाद घरों में रहने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांव की स्थिति ऐसी हो गई है कि शाम छह बजे के बाद घर से बाहर निकलना सुरक्षित नहीं लगता। महिलाओं और बेटियों को जरूरी काम होने पर भी बाहर जाने से डर लगता है। कई परिवारों ने अपनी बेटियों का अकेले बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है।
महिलाओं का कहना है कि बच्चियों को ट्यूशन भेजने और बाजार से जरूरी सामान लाने तक में डर बना रहता है। उनका आरोप है कि रास्तों में खड़े नशे में धुत लोग अभद्र व्यवहार करते हैं और फब्तियां कसते हैं जिससे परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
आधी रात पुलिस चौकी पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
बढ़ती परेशानियों के बीच गांव की महिलाएं एकजुट होकर आधी रात पुलिस चौकी पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ज्ञापन में महिलाओं ने गांव में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि गांव में शांति और सुरक्षा बहाल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पुलिस गश्त बढ़ाने की उठी मांग
महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि शाम के समय गांव के प्रमुख रास्तों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर रोक लगेगी और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस लगातार निगरानी रखेगी तो अवैध शराब का कारोबार भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इससे गांव का माहौल सामान्य होने में मदद मिलेगी।






