पन्ना जिले में अपराधियों के बुलंद हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब वे घरों में सो रहे परिवारों को बंधक बनाकर भी चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कचौरी से सामने आया है, जहां चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए लाखों की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। हैरत की बात तो यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने घर के सदस्यों को अंदर ही कैद कर बाहर से कुंडी लगा दी और फरार हो गए। इस घटना ने एक बार फिर जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पुलिस की निष्क्रियता और गश्त में कमी का आरोप ग्रामीणों द्वारा खुले तौर पर लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात को अंजाम दी गई। ग्राम कचौरी निवासी रामसेवक विश्वकर्मा काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए अज्ञात बदमाशों ने उनके घर को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी ही बेखौफी से घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। उस समय घर में रामसेवक की पत्नी मंजू बाई और बच्चे गहरी नींद में सो रहे थे, उन्हें इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि उनके घर में चोर घुस आए हैं और उनकी जीवन भर की जमा पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं।
चोरों ने सोने-चांदी के जेवर पर किया हाथ साफ
बेखौफ चोरों ने घर के अंदर पलंग पेटी और संदूक के ताले तोड़ दिए। उन्होंने बड़े ही इत्मीनान से घर में रखे बहुमूल्य सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया, जिसकी अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपये बताई जा रही है। चोरी हुए जेवरात में 2 तोला सोने की अंगूठी, आधा किलो की करधनी, 1 पाव की पायल, लॉकेट और झूमकी जैसे कीमती आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा, चोरों ने घर में रखे 8 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गए। यह सारी संपत्ति परिवार के भविष्य और उनकी गाढ़ी कमाई का नतीजा थी, जिसे चोरों ने पल भर में उड़ा लिया।
अलमारियां खुलीं, सामान बिखरा और लाखों का माल गायब
वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने मानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने परिवार को अंदर कैद करने की नीयत से आगे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, ताकि परिजन तुरंत बाहर न निकल सकें और उन्हें भागने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सुबह जब परिवार के सदस्यों की नींद खुली और उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया, तो दरवाजा बाहर से बंद पाया। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह दरवाजा खुलवाया गया। घर के अंदर का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। सारा सामान बिखरा पड़ा था, अलमारियां खुली थीं और कीमती जेवरात व नकदी गायब थी। यह मंजर देखकर मंजू बाई और उनके बच्चों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
ग्रामीणों की सामान बरामद कर चोरों को गिरफ्तार करने की मांग
इस घटना के बाद से पूरे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस केवल औपचारिकता निभा रही है और उनकी गश्त में कमी के कारण ही चोरों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस से तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाने, चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और चोरी हुए सामान को बरामद करने की मांग की है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा असंतोष है और वे चाहते हैं कि पुलिस ठोस कार्रवाई कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाए ताकि क्षेत्र में भय का माहौल समाप्त हो सके। इस घटना ने एक बार फिर पन्ना जिले में कानून व्यवस्था की लचर स्थिति को उजागर कर दिया है।






