पन्ना जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। छतरपुर निवासी कैलाश प्रजापति अपने साले के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पन्ना के मड़ला इलाके पहुंचे थे। शादी की रस्मों के बीच हुई एक पारिवारिक कहासुनी के बाद वह देर रात घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में पेड़ से लटका मिला।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की उम्र 36 साल थी और वह परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने आए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह साफ हो सकेगी।
फोटो खिंचवाने को लेकर विवाद
परिजनों के अनुसार, शादी समारोह के दौरान कैलाश प्रजापति की पत्नी ने लड़की के फूफा के साथ एक फोटो खिंचवा ली थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। परिवार के अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और सभी ने सोचा कि बात खत्म हो गई है। लेकिन बताया जा रहा है कि कैलाश इस घटना के बाद काफी परेशान और चुप हो गए थे।
देर रात उन्होंने शौच जाने की बात कही और घर से निकल गए। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह चरवाहों ने जमुनिया कोर क्षेत्र में एक पेड़ पर शव लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले और बाद में किन परिस्थितियों में कैलाश वहां तक पहुंचे।
पन्ना पुलिस की जांच जारी
घटना के बाद शादी का माहौल पूरी तरह बदल गया और पूरे परिवार में शोक फैल गया। कैलाश प्रजापति अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
यदि जांच में कोई दूसरा तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि किसी भी दुखद घटना की वास्तविक वजह केवल जांच पूरी होने के बाद ही सामने आती है, इसलिए आधिकारिक रिपोर्ट आने से पहले किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।






