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जीतू पटवारी ने केन-बेतवा परियोजना का विरोध कर रहे आदिवासियों से की मुलाकात, कहा “बीजेपी की तानाशाही ज़्यादा नहीं चलेगी”

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
आंदोलन कर रहे आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे जीतू पटवारी को पुलिस बैरिकेड्स और भारी बंदोबस्त के बीच रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर आदिवासियों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया।
जीतू पटवारी ने केन-बेतवा परियोजना का विरोध कर रहे आदिवासियों से की मुलाकात, कहा “बीजेपी की तानाशाही ज़्यादा नहीं चलेगी”

Jitu Patwari

पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को ढोढन बांध पहुंचे। यहां उन्होंने आंदोलन कर रहे आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंचे जीतू पटवारी ने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। मुलाकात के दौरान कई विस्थापित आदिवासी भावुक हो गए और अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़े।

इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिसे लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें आंदोलनकारी परिवारों तक पहुंचने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया। उन्होंने सवाल किया कि मध्यप्रदेश में भाजपा का राज है या तालिबान का। उन्होंने बीजेपी पर संविधान को तार तार करने का आरोप लगाया।

जीतू पटवारी ने आंदोलनरत आदिवासियों से मुलाकात की 

पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत प्रस्तावित ढोढन बांध और उससे जुड़े विस्थापन को लेकर आदिवासी और ग्रामीण परिवारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। परियोजना से प्रभावित कई गांवों के लोग पिछले कई दिनों से धरना देकर मुआवजा, पुनर्वास और जमीन बचाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेस नेताओं के साथ ढोढन बांध कार्यस्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत विस्थापित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा कि राहुल गांधी ने मुझे आप लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए भेजा है।

मुलाकात के दौरान कई आदिवासी परिवार भावुक दिखाई दिए। कुछ लोगों ने प्रशासन पर दबाव बनाने और विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए। विस्थापितों का कहना था कि पुलिस सुरक्षा के बीच निर्माण कार्य कराया जा रहा है और कुछ गांवों में परिवारों पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।

“कांग्रेस संघर्षरत परिवारों के साथ है”

जीतू पटवारी ने आंदोलनकारियों से कहा कि कांग्रेस विस्थापित आदिवासी और किसान परिवारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि जल, जंगल, जमीन और सम्मान की रक्षा का मुद्दा भी है।  उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रभावितों को उचित मुआवजा और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने मुआवजे के नाम पर प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि “जनता की आवाज़ को दबाने की हर कोशिश एक दिन सत्ता के अहंकार को जवाब देती है। इतिहास गवाह है, तानाशाही ज्यादा दिन नहीं टिकती है।”

पुलिस ने की रोकने की कोशिश, जीतू पटवारी ने लगाया तानाशाही का आरोप

इससे पहले जीतू पटवारी के काफिले को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ते में रोकने की कोशिश की। इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत प्रत्येक नागरिक को देश में कहीं भी आने-जाने का अधिकार है, लेकिन प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को सुनने के बजाय प्रशासन आंदोलन को दबाने में लगा हुआ है। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को सरकार की तानाशाही बताते हुए कहा कि पार्टी संघर्षरत आदिवासी और किसान परिवारों के साथ खड़ी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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