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विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक, WFI के नए नियमों पर चताई चिंता, भारत सरकार से की ये अपील

Written by:Gaurav Sharma
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ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने भारतीय कुश्ती महासंघ के सख्त नियमों पर सवाल उठाते हुए विनेश फोगाट के लिए ट्रायल की मांग की है, जिससे खेल जगत में नई बहस छिड़ गई है।
विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक, WFI के नए नियमों पर चताई चिंता, भारत सरकार से की ये अपील

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा 2026 एशियाई खेलों के लिए कुश्ती चयन ट्रायल के नियम और कार्यक्रम की घोषणा के बाद से खेल जगत में एक नई बहस छिड़ गई है, जहां कड़े नियमों के चलते कई दिग्गज पहलवानों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है, वहीं ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।

साक्षी मलिक ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर सरकार, खेल मंत्रालय और भारतीय कुश्ती महासंघ को कुश्ती चयन ट्रायल के नियमों को लेकर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया भर के खेल संघ मां बनने के बाद महिलाओं को खेल में वापसी के लिए अवसर प्रदान करते हैं, लेकिन अपने देश का संघ नियमों को इतना सख्त कर रहा है कि यह विनेश फोगाट की राह में रोड़ा बन रहा है, जिससे उनकी वापसी और देश के लिए पदक जीतने की संभावनाएँ कम होती जा रही हैं।

अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए साक्षी मलिक ने कहा कि ओलंपिक पदक विजेता के रूप में मीडिया उनसे विनेश फोगाट के ट्रायल को लेकर चल रहे घटनाक्रम पर उनके विचार जानना चाहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर विचार कर रही थीं, क्योंकि विनेश एक पार्टी की विधायक हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है, जिससे उनके बयान को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी न हो।

साक्षी मलिक की भारतीय फेडरेशन के नए नियमों पर चिंता

साक्षी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कई ऐसे उदाहरण दिए जहां दूसरे देशों के स्पोर्ट्स फेडरेशन अपने खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाते हैं, ताकि महिलाएं मां बनने के बाद भी खेल सकें और देश के लिए पदक जीत सकें। वहीं, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि भारतीय फेडरेशन दो दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है जो विनेश को वापसी करने से रोकते हैं। साक्षी मलिक ने प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और रेसलिंग फेडरेशन से भावनात्मक अपील करते हुए निवेदन किया कि विनेश फोगाट का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए पदक जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। इसके साथ ही, उन्होंने एक ऐसा उदाहरण स्थापित करने की बात कही जिससे यह संदेश जाए कि अपने देश की महिलाएं भी मां बनने के बाद खेल सकती हैं, पदक जीत सकती हैं और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने 2026 एशियाई खेलों के लिए कुश्ती चयन ट्रायल के नियम और कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसके अनुसार केवल 2025 के सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप, 2026 सीनियर फेडरेशन कप और अंडर-20 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप के पदक विजेता ही इसमें भाग ले सकते हैं। महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछली उपलब्धियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा, जिसके कारण दस महीने के बच्चे की मां विनेश फोगाट इन ट्रायल्स में हिस्सा लेने के योग्य नहीं रह गई हैं। महिला कुश्ती के ट्रायल्स 30 मई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने हैं, जबकि फ़्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन ट्रायल्स 31 मई को लखनऊ में आयोजित किए जाएंगे।

इतना ही नहीं, इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) से भी विनेश फोगाट को एक चेतावनी मिली है, क्योंकि उन्होंने दिसंबर 2025 में बेंगलुरु में एक आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोपिंग टेस्ट छोड़ दिया था। महासंघ का कहना है कि डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी किए बिना उन्हें किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दस महीने के बेटे की मां विनेश ने हालांकि इस नोटिस का जवाब देते हुए पीछे हटने से इनकार कर दिया है, जबकि भारतीय कुश्ती महासंघ अपने रुख पर कायम है, जिससे यह विवाद और गहराता जा रहा है।

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