Hindi News

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय कार्यक्रम, सीएम सैनी करेंगे पूजन, कलश यात्रा को करेंगे रवाना

Written by:Ankita Chourdia
Published:
कुरुक्षेत्र में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का राज्यस्तरीय आयोजन होने जा रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री नायब सैनी पूजन करेंगे और कलश यात्रा रवाना करेंगे। जानकारी दे दें कि यह भारत की अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय कार्यक्रम, सीएम सैनी करेंगे पूजन, कलश यात्रा को करेंगे रवाना

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर एक बार पुनः आस्था और स्वाभिमान का भव्य संगम होने जा रहा है, जहाँ भारत की सनातन परंपराओं का गौरवशाली इतिहास ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में जीवंत उठेगा। दरअसल कुरुक्षेत्र जिले के अरुणाय गाँव स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होने वाला यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम ‘एक हजार वर्ष की अखंड आस्था’ के संकल्प को साकार करेगा, जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों को और भी सुदृढ़ बनाएगा। इस पुनीत कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह ऐतिहासिक आयोजन सुचारू रूप से और गरिमामय ढंग से संपन्न हो।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहेंगे

दरअसल इस गरिमामय आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहेंगे। वे प्रातः काल 101 सौभाग्यशाली महिलाओं द्वारा निकाली जाने वाली कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो इस पर्व का एक प्रमुख आकर्षण होगी। ये महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में अपने शीश पर पवित्र कलश धारण कर मंदिर तक पहुँचेंगी, जो आस्था और भक्ति का एक अनुपम एवं मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करेगा। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री स्वयं मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे, जिससे इस आयोजन की आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ जाएगी।

PM मोदी भी करेंगे संबोधित

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ मंदिर से देशभर को संबोधित करेंगे, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक बनेगा और संपूर्ण राष्ट्र को अपनी विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर और उसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र को अत्यंत भव्यता से सुसज्जित किया गया है, जो इस पावन पर्व की दिव्यता को और भी बढ़ा रहा है और श्रद्धालुओं को एक विशेष अनुभूति प्रदान कर रहा है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में 48 कोस के तीर्थों से जुड़े पूज्य संत-महात्मा भी अपनी उपस्थिति से इसे गौरवान्वित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान इन संत-महात्माओं का सम्मान किया जाएगा, जो हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति आदर का प्रतीक है। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य शिवालयों को भी विशेष रूप से सजाया गया है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में एक आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण का सृजन हो सके, जो इस पर्व की भावना के अनुरूप है।

तीर्थ स्थलों को सीधे जोड़ना है उद्देश्य

इस आयोजन का एक मुख्य उद्देश्य गुजरात के सोमनाथ मंदिर से कुरुक्षेत्र जिले के मंदिरों और तीर्थ स्थलों को सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से भारत की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अपनी पहचान पर गर्व कर सकें। मंदिर में एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत, हमारी सनातन परंपराओं और सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगी। यह प्रदर्शनी आगंतुकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित करवाएगी और उन्हें हमारी प्राचीन सभ्यता के प्रति सम्मान का भाव जगाएगी।

सोमनाथ मंदिर, भारत की अटूट आस्था और अनवरत संघर्ष का एक सशक्त प्रतीक है। इतिहास के पन्नों में यह मंदिर कई बार बर्बर हमलों और विनाश का साक्षी रहा है, किंतु हर बार यह अपनी दृढ़ता और अडिग विश्वास के साथ पुनः मजबूती से खड़ा हुआ है, जो भारतीय जनमानस की अदम्य भावना को दर्शाता है। आधुनिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का मार्ग लगभग 75 वर्ष पूर्व प्रशस्त हुआ था, जो राष्ट्र के पुनरुत्थान का एक महत्वपूर्ण अध्याय था। आज इसी पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है, जो इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व को और भी बढ़ा देती है तथा हमें अपने गौरवशाली अतीत की याद दिलाती है।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews