भारतीय कुश्ती के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान विनेश फोगाट की वापसी की योजनाओं को एक बड़ा झटका लगा है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के कथित उल्लंघन के गंभीर आरोपों के मद्देनजर भेजा गया है।
डब्ल्यूएफआई ने स्पष्ट किया है कि विनेश फोगाट को जून 2026 तक किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इसका मुख्य कारण यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के डोपिंग रोधी नियम के तहत संन्यास से वापसी के बाद आवश्यक छह महीने का नोटिस पीरियड न देना बताया गया है। इस नियम के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी जो संन्यास के बाद वापसी करना चाहता है, उसे प्रतियोगिता में भाग लेने से कम से कम छह महीने पहले संबंधित डोपिंग रोधी एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय महासंघ को सूचना देनी होती है।
डोपिंग टेस्टिंग सिस्टम से बाहर रहने पर परिणाम हो सकते हैं अमान्य
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने एक पत्र में इस संबंध में अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी थी। पत्र में कहा गया था कि यदि कोई खिलाड़ी कुश्ती में दोबारा वापसी करना चाहता है, तो उसे इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) या संबंधित इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचित करना अनिवार्य है। इस छह महीने की अवधि के दौरान, खिलाड़ी को एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना भी आवश्यक है। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियम 5.6.1 के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी जो लंबे समय तक टेस्टिंग सिस्टम से बाहर रहा हो, वह सीधे प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकता। ऐसा करने पर उसके प्रतियोगिता परिणाम अमान्य घोषित किए जा सकते हैं।
WFI का विनेश को 15 पन्नों का नोटिस, लगाया ये आरोप
डब्ल्यूएफआई द्वारा विनेश फोगाट को भेजे गए 15 पन्नों के विस्तृत नोटिस में, महासंघ ने आरोप लगाया है कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कुश्ती को शर्मिंदा किया है, जिससे खेल की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्होंने डब्ल्यूएफआई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और डोपिंग विरोधी नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। महासंघ ने विनेश से चार मुख्य आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें 2024 पेरिस ओलंपिक से उनकी अयोग्यता का एक कारण वजन निर्धारित सीमा तक न पहुंच पाना बताया गया है। इसके अतिरिक्त, डोपिंग विरोधी नियमों के तहत ठिकाने की जानकारी कथित तौर पर न देना और मार्च 2024 में तत्कालीन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा नियुक्त तदर्थ पैनल द्वारा आयोजित चयन परीक्षणों के दौरान दो अलग-अलग भार श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करना भी आरोपों में शामिल है।
विनेश को जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट खेलने पर रोक
इन घटनाक्रमों से विनेश फोगाट की वापसी की योजना को बड़ा झटका लगा है। डब्ल्यूएफआई ने विशेष रूप से यह बात रेखांकित की है कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। इसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल है, जिसे उनकी वापसी का पहला टूर्नामेंट माना जा रहा था। विनेश को भेजे गए नोटिस में महासंघ ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि डोपिंग-विरोधी नियमों का कोई उल्लंघन न हुआ हो, जिसके कारण वे आगामी किसी भी प्रतियोगिता में महासंघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य हो जाएं। महासंघ का यह कदम भारतीय कुश्ती में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






