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IPS सहित चार पुलिसकर्मियों पर लूट-डकैती की धाराओं में FIR दर्ज, पैसों की अवैध वसूली से जुड़ा है मामला

Written by:Atul Saxena
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एडवोकेट ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि अजय सिंह ने लाखों रुपये की डिमांड की फिर दोनों पक्षों के घर से करीब 30 लाख रुपये आरक्षक संतोष को भेजकर मंगवा लिए।
IPS सहित चार पुलिसकर्मियों पर लूट-डकैती की धाराओं में FIR दर्ज, पैसों की अवैध वसूली से जुड़ा है मामला

District and Sessions Court, Gwalior

ग्वालियर जिला न्यायालय के आदेश पर IPS अधिकारी राजेश सिंह चंदेल (तत्कालीन ग्वालियर एसपी वर्तमान डी आईजी भोपाल ग्रामीण) सहित तत्कालीन थाना प्रभारी थाटीपुर सुरेन्द्र नाथ यादव, केस के जांचकर्ता अधिकारी एसआई अजय सिंह सिकरवार और उनके सहयोगी आरक्षक संतोष वर्मा के खिलाफ थाटीपुर थाना पुलिस ने लूट एवं डकैती सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

जिला न्यायालय में परिवाद दायर करने वाले परिवादी अनूप राणा के वकील अशोक प्रजापति ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ये मामला थाटीपुर मामले में दर्ज पैसों के लेनदेन को लेकर 2023 में हुई एक एफआईआर से जुड़ा है, इसमें फरियादी और आरोपी दोनों के बीच समझौता हो गया और कुछ रकम का आदान प्रदान हो गया ये बात जांचकर्ता अधिकारी अजय सिंह सिकरवार को मालूम चल गई उसके बाद फिर उसके द्वारा अवैध वसूली की गई।

एसपी पर संज्ञान नहीं लेने का आरोप 

एडवोकेट ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि अजय सिंह ने लाखों रुपये की डिमांड की फिर दोनों पक्षों के घर से करीब 30 लाख रुपये आरक्षक संतोष को भेजकर मंगवा लिए। जब इसकी शिकायत तत्कालीन एसपी राजेश सिंह चंदेल से की गई तो उन्होंने शिकायत थाटीपुर थाने ही भिजवा दी उसके बाद पुलिस ने फरियादी को ही आरोपी बनाकर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भिजवा दिया, जमानत होने के बाद मामला कोर्ट में पहुँचा।

अदालत के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मामला 

वकील के मुताबिक कोर्ट ने पुरे मामले को सुना सीसीटीवी फुटेज मंगवाए तो मलुम्चाला कि उसे डिलीट कर दिया गया है जिस कोर्ट एन एक गंभीर अपराध माना और कल 11 मई को मामले की सुनवाई करते हुए तत्कालीन एसपी आइपीएस राजेश सिंह चंदेल,  तत्कालीन थाना प्रभारी थाटीपुर सुरेन्द्र नाथ यादव, केस के जांचकर्ता अधिकारी एसआई अजय सिंह सिकरवार और उनके सहयोगी आरक्षक संतोष वर्मा के खिलाफलूट डकैती, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया जिसके बाद उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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