दमोह पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में साल भर से फरार चल रहे मुख्य आरोपित को ओडिशा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह आरोपित 55 किलो गांजा बरामदगी के मामले में वांछित था और अपने साले के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांजा की बड़ी खेप पहुंचाता था। पुलिस की यह कार्रवाई अवैध गांजा के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, कुम्हारी थाना पुलिस ने बीते 9 जुलाई 2025 को दमोह जिले के कुम्हारी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदन नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया था। संबलपुर, ओडिशा का निवासी चंदन उस समय 55 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया था। इस बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस ने जब चंदन से गहन पूछताछ की, तो उसने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। चंदन ने बताया कि वह अपने जीजा गोपरंजन पटनायक के साथ मिलकर लंबे समय से मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का काम कर रहा है। इस जीजा-साले की जोड़ी ने अब तक कई क्विंटल गांजा की खेप मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाई है। दमोह जिला भी उनके लिए गांजा सप्लाई का एक प्रमुख अड्डा था, जहां से उनका पुराना कनेक्शन रहा है। यही वजह थी कि चंदन यहां गांजा की खेप पहुंचाने आया था।
करीब एक साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था गोपरंजन
कुम्हारी पुलिस ने चंदन की निशानदेही पर 55 किलो गांजा तस्करी के इस मामले में उसके जीजा गोपरंजन पटनायक को भी आरोपित बनाया था। हालांकि, गिरफ्तारी के समय गोपरंजन फरार होने में कामयाब रहा था और पिछले लगभग एक साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। गोपरंजन पटनायक का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह इससे पहले दमोह जिले के गैसाबाद में दर्ज एक अन्य मामले में भी आरोपित था। उस मामले में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद से ही वह फरार चल रहा था, जिसके चलते कोर्ट ने उसका स्थाई वारंट जारी किया था। पिछले साल के इस मामले में गोपरंजन पर दमोह पुलिस द्वारा पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस ने ओडिशा पहुंचकर आरोपी को दबोचा
पुलिस को लगातार गोपरंजन की तलाश थी। हाल ही में दमोह पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित गोपरंजन ओडिशा में छिपा हुआ है। इस महत्वपूर्ण जानकारी के बाद दमोह पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपित की सटीक लोकेशन ट्रेस की। जानकारी पुख्ता होने के बाद कुम्हारी पुलिस की यह स्पेशल टीम तुरंत ओडिशा के लिए रवाना हो गई। टीम ने अथक प्रयास और तकनीकी सहायता के बल पर आखिरकार फरार चल रहे गांजा तस्कर गोपरंजन पटनायक को ओडिशा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
जेल भेजा गया मुख्य आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपित गोपरंजन को दमोह लेकर आई। यहां कुम्हारी थाना में उससे विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आरोपित को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि गोपरंजन की गिरफ्तारी से मध्य प्रदेश में सक्रिय गांजा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
थाना प्रभारी कुम्हारी, बृजेश पांडे ने बताया कि यह जीजा-साले की जोड़ी लंबे समय से मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी का काम कर रही थी और दमोह उनके प्रमुख अड्डों में से एक था। आरोपित गोपरंजन पर पांच हजार का इनाम भी घोषित था और वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था। हमारी टीम ने कड़ी मशक्कत और साइबर सेल की मदद से उसे ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। अब उससे पूछताछ में इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है।





