रायसेन जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-3 के उपचुनाव के दौरान सालेरा और मऊ पथरई गांव में ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। सालों से जर्जर पड़ी सड़क और निर्माण कार्य न होने से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर वोटिंग का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि रायसेन से सालेरा तक की सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत आती है, लेकिन वर्ष 2023 से लगातार मांग के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
अधिकारियों के दखल और आश्वासन के बाद माने ग्रामीण
गांवों में मतदान न होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। स्थिति संभालने के लिए एसडीएम मनोज उपाध्याय, एसडीएम मनीष शर्मा, तहसीलदार भरत सिंह और सड़क विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की और जल्द निर्माण का भरोसा दिलाया। समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और सबसे पहले मऊ पथरई व फिर सालेरा में मतदान प्रक्रिया शुरू कराई गई।
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प्रत्याशी पूजा चौकसे भी पहुंचीं ग्रामीणों के बीच
इस विरोध के बीच वार्ड-3 की प्रत्याशी पूजा राकेश चौकसे भी खंडेरा माता मंदिर में पूजा-अर्चना और नरवर में मतदान करने के बाद सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचीं। उन्होंने भी ग्रामीणों से मतदान करने की अपील की। पूजा चौकसे ने बताया कि इस सीट को रिक्त कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है, जहां पिछले चुनाव के प्रत्याशी रहे राजेंद्र बघेल के गलत दस्तावेजों को चुनौती दी गई थी।
सम्मान की लड़ाई बना उपचुनाव
सुप्रीम कोर्ट से फैसला पक्ष में आने के बाद यह सीट खाली हुई थी और अब यह उपचुनाव हो रहा है, जिसे प्रत्याशी पूजा चौकसे अपने सम्मान और जनता के हक की लड़ाई मान रही हैं। वहीं दूसरी तरफ, अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को मनाकर मतदान दोबारा शुरू कराने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। फिलहाल क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और ग्रामीण अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।