मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बरेली क्षेत्र की घोघरा नदी के पास धान की रोपाई करने गए नौ मजदूर अचानक आई बाढ़ में फंस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। बरेली पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम ने सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
तेज बहाव के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रशासन के अनुसार मजदूर रोज की तरह धान की रोपाई के लिए खेतों में पहुंचे थे। काम के दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में नदी का पानी इतनी तेजी से बढ़ जाएगा। अचानक जलस्तर बढ़ने से मजदूर खेतों में ही फंस गए और बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने मौके का जायजा लिया और हालात को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से एक-एक कर सभी मजदूरों को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई।
रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि बारिश के मौसम में नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने से बचें। खासतौर पर खेती के काम के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि पहाड़ी और ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का असर कुछ ही समय में नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगता है।
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रायसेन समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में 23 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की कई छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं और कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाने और पानी भरे रास्तों को पार करने से बचने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने कहा है कि बारिश के दौरान कई बार कुछ ही मिनटों में जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे जान का खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में खेती करने वाले किसानों और मजदूरों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस, प्रशासन या आपदा प्रबंधन टीम को सूचना देने की अपील की गई है।
लगातार सक्रिय राहत और बचाव टीमों की वजह से इस बार कई संभावित हादसों को समय रहते टाला जा सका है। हालांकि मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है, इसलिए लोगों को केवल आधिकारिक मौसम चेतावनियों का पालन करना चाहिए और जोखिम वाले इलाकों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।






