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भोपाल के श्रमोदय स्कूल में रोता हुआ हॉस्टल से बाहर आया बच्चा, बोला- मुझे करंट लगा, पानी-खाने की बदहाली पर हंगामा, अभिभावकों ने दिया 45 दिन का अल्टीमेटम

श्रमोदय आवासीय विद्यालय में पानी, भोजन, बाथरूम और बिजली की व्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों ने प्रबंधन को घेरा। हॉस्टल से रोते हुए बाहर आए बच्चे ने करंट लगने की बात कही।
Bhopal news

भोपाल के नीलबड़ स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय में सोमवार को बच्चों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं को लेकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने पानी, भोजन, बाथरूम, बिजली और हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रबंधन को हालात सुधारने के लिए 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

इसी दौरान एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी। मीडिया की मौजूदगी में हॉस्टल से एक बच्चा रोता हुआ बाहर आया और उसने कहा कि उसे करंट लगा है।

खुले तारों को लेकर बच्चों ने उठाए सवाल

विद्यार्थियों का आरोप है कि हॉस्टल और परिसर में कई जगह बिजली के तार खुले पड़े हैं। हालांकि बच्चे को करंट लगने की घटना की आधिकारिक पुष्टि और इसकी वजह की जांच अभी बाकी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के रहने वाले परिसर में बिजली से जुड़ी ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पानी की टंकियों की सफाई नहीं होने का आरोप

विद्यार्थियों ने पीने के पानी को लेकर भी गंभीर शिकायतें कीं। एक छात्र के मुताबिक हॉस्टल की पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती और कई-कई महीने तक टंकियां साफ नहीं की जातीं। रोजाना पानी की कमी होने की बात भी बच्चों ने कही।

इसके अलावा भोजन, बाथरूम और कमरों के दरवाजों की स्थिति को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। अभिभावकों ने सार्वजनिक मंच पर एक-एक कर इन समस्याओं को प्रबंधन के सामने रखा।

मंच पर प्राचार्य और उप प्राचार्य में नोकझोंक

बच्चों की समस्याओं पर चल रही चर्चा के दौरान प्राचार्य और उप प्राचार्य के बीच सार्वजनिक मंच पर नोकझोंक भी हुई। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब बच्चों की समस्याओं का समाधान तलाशा जा रहा है, तब जिम्मेदार अधिकारियों का आपस में उलझना ठीक नहीं है।

45 दिन में सुधार नहीं तो मुख्यमंत्री तक जाएंगे

अभिभावकों ने प्रबंधन को पानी, भोजन, बाथरूम, बिजली और हॉस्टल की दूसरी व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 45 दिन का समय दिया है। उन्होंने साफ कहा कि इस अवधि में हालात नहीं सुधरे तो वे मामले को मुख्यमंत्री तक लेकर जाएंगे। अब अभिभावकों के अल्टीमेटम के बाद नजर स्कूल प्रबंधन पर है कि बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन शिकायतों पर कितनी जल्दी और क्या कार्रवाई होती है।

Manisha Kumari Pandey
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