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15 करोड़ की लागत से बदला सांची रेलवे स्टेशन का पूरा लुक, हाईटेक सुविधाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

Written by:Bhawna Choubey
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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सांची रेलवे स्टेशन का शानदार कायाकल्प पूरा हो चुका है। आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल सिस्टम और बेहतर यात्री सेवाओं से लैस यह स्टेशन अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए और भी खास बन गया है।
15 करोड़ की लागत से बदला सांची रेलवे स्टेशन का पूरा लुक, हाईटेक सुविधाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

सांची का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप की तस्वीर उभरती है। हर साल हजारों देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में सांची रेलवे स्टेशन सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर तक पहुंचने का सबसे अहम प्रवेश द्वार माना जाता है। लंबे समय से यात्रियों को यहां आधुनिक सुविधाओं की जरूरत महसूस हो रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

अब सांची रेलवे स्टेशन पूरी तरह बदले हुए अंदाज में नजर आ रहा है। स्टेशन का नया रूप यात्रियों को पहली नजर में ही आकर्षित कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15.32 करोड़ रुपये की लागत से हुए पुनर्विकास ने इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया है। रेलवे का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी।

 अमृत भारत स्टेशन योजना में सांची रेलवे स्टेशन को मिला नया जीवन

देशभर में रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की थी। इसी योजना के तहत सांची रेलवे स्टेशन को भी चुना गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव देना और पर्यटन को बढ़ावा देना था।

पहले जहां स्टेशन का ढांचा साधारण दिखाई देता था, वहीं अब इसकी डिजाइन काफी आकर्षक और सुविधाजनक हो गई है। स्टेशन भवन को नया लुक देने के साथ-साथ यात्रियों की जरूरतों का भी खास ध्यान रखा गया है। प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफॉर्म तक हर हिस्से को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है।

सांची स्तूप आने वाले पर्यटकों को मिलेगा बड़ा फायदा

सांची रेलवे स्टेशन का महत्व सिर्फ स्थानीय यात्रियों तक सीमित नहीं है। यह स्टेशन विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी पहुंचते हैं।

पहले कई पर्यटकों को स्टेशन पर सुविधाओं की कमी महसूस होती थी। खासकर बुजुर्ग यात्रियों और परिवारों को बैठने, साफ-सफाई और जानकारी से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति काफी बदल चुकी है।

रेलवे ने स्टेशन को इस तरह विकसित किया है कि यहां आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो। डिजिटल सूचना प्रणाली और आधुनिक अनाउंसमेंट सिस्टम के कारण यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी जानकारी तुरंत मिल जाती है। इससे भ्रम की स्थिति कम होती है और सफर आसान बनता है।

प्लेटफॉर्म से लेकर पार्किंग तक हर सुविधा में हुआ बड़ा बदलाव

सांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान यात्री सुविधाओं पर दिया गया। प्लेटफॉर्मों पर नए और मजबूत शेड लगाए गए हैं ताकि गर्मी और बारिश में यात्रियों को परेशानी न हो।

इसके अलावा बैठने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। पहले जहां यात्रियों को पर्याप्त सीटें नहीं मिलती थीं, वहीं अब आरामदायक इंतजाम किए गए हैं। प्लेटफॉर्म की सतह को भी मजबूत और सुरक्षित बनाया गया है ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।

स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया का भी सौंदर्यीकरण किया गया है। पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया गया है ताकि निजी वाहन लेकर आने वाले यात्रियों को दिक्कत न हो। इससे स्टेशन के बाहर लगने वाली भीड़ और अव्यवस्था में भी कमी आने की उम्मीद है।

डिजिटल सिस्टम ने यात्रियों का सफर बनाया आसान

आज के समय में रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल सुविधाएं बेहद जरूरी मानी जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सांची रेलवे स्टेशन पर कई आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं।

स्टेशन पर डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनसे यात्रियों को ट्रेन के आने-जाने की जानकारी आसानी से मिल जाती है। इसके अलावा कोच पोजिशन डिस्प्ले सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रियों को अपने डिब्बे की सही जानकारी मिलती है।

आधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी स्टेशन की बड़ी खासियत बन गया है। अब यात्रियों को साफ आवाज में जरूरी सूचनाएं सुनाई देती हैं। इससे खासकर बुजुर्ग और बाहर से आने वाले यात्रियों को काफी मदद मिल रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और भी डिजिटल सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यात्रियों को स्मार्ट स्टेशन जैसा अनुभव मिलेगा।

दिव्यांगजनों के लिए भी खास व्यवस्था

सांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। स्टेशन को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने के लिए रैंप और टैक्टाइल पाथ जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

पहले कई दिव्यांग यात्रियों को स्टेशन पर आवाजाही में परेशानी होती थी, लेकिन अब वे आसानी से प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकते हैं। रेलवे का यह कदम काफी सराहनीय माना जा रहा है।

रात के समय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। इससे यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिलता है और स्टेशन का लुक भी पहले से ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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