मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक भयावह घटना सामने आई है जहां नर्सरी से निकाले गए पूर्व कर्मचारी ने तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। वनखेड़ी गांव स्थित नर्सरी में मंगलवार दोपहर यह वारदात तब हुई जब आरोपी देसी कट्टा लेकर पहुंचा और एक के बाद एक पांच गोलियां चला दीं।
घायलों में डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा और महिला कर्मचारी सुमन बाई शामिल हैं। शर्मा को पीठ में गोली लगी जबकि सुमन बाई के शरीर में लगी गोली आर-पार हो गई। तीसरे कर्मचारी डालचंद जान बचाने के लिए भागते समय गिर गया, जिससे गोली उसके ऊपर से निकल गई और वह बाल-बाल बचा।
पहले पैर छुए फिर चलाई गोलियां
एडिशनल एसपी कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक वारदात का तरीका चौंकाने वाला है। पूरन उर्फ गुड्डा लोधी ने नर्सरी प्रभारी डिप्टी रेंजर शर्मा के पैर छुए और फिर नाराजगी जताते हुए कुछ बातचीत की। इसके तुरंत बाद उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी के अनुसार घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
पूरन करीब पांच साल पहले इसी नर्सरी में मजदूरी करता था। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में उसे नौकरी से हटा दिया गया था। वनखेड़ी गांव का ही रहने वाला यह व्यक्ति फिलहाल बेरोजगार था। हालांकि उसे नौकरी से हटाने के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
बाल-बाल बची तीन जानें
अस्पताल में भर्ती डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पूरन देसी कट्टा लेकर आया था और उसने कुल पांच गोलियां चलाईं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
कर्मचारी डालचंद ने घटना का आंखों देखा हाल सुनाते हुए कहा कि पूरन ने पहले साहब को पीठ पर गोली मार दी। जब वह कमरे से बाहर निकला तो आरोपी ने उस पर भी कट्टा तान दिया। भागते समय वह गिर गया इसलिए गोली नहीं लग पाई। इसके बाद पूरन ने नर्सरी में काम करने वाली उसकी मौसी सुमन पर फायर किया। डालचंद ने बताया कि उसने आरोपी को पत्थर मारा तो वह वहां से भाग निकला।
आरोपी का शव पेड़ से लटका मिला
फायरिंग के बाद पूरन मौके से फरार हो गया था। कुछ समय बाद उसका शव नर्सरी के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला। पुलिस ने मौका मुआयना किया और प्रारंभिक जांच के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि पूरन ने इतने बर्षों बाद अचानक यह कदम क्यों उठाया।





